श्री राम बाग मंदिर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा,एक माह तक होगा श्रीरामचरितमानस का सामूहिक पाठ।

 श्री राम बाग मंदिर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा,एक माह तक होगा श्रीरामचरितमानस का सामूहिक पाठ।

श्रीरामचरितमानस समिति की वर्षों पुरानी परंपरा आज भी कायम,गुरु पूर्णिमा पर विशेष पूजन-अर्चन एवं मानस पाठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल।

सिलौंडी। नगर के श्री राम बाग मंदिर परिसर में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रीरामचरितमानस समिति के तत्वावधान में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं पवनपुत्र हनुमान जी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से श्रीरामचरितमानस का पाठ कर गुरु परंपरा का स्मरण करते हुए समाज में धर्म, संस्कार और सद्भावना के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि श्रीरामचरितमानस समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष सावन माह के दौरान पूरे एक माह तक प्रतिदिन सायंकाल एक घंटे का सामूहिक श्रीरामचरितमानस पाठ आयोजित किया जाता है। यह धार्मिक आयोजन वर्षों से निरंतर जारी है और क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। प्रतिदिन आयोजित होने वाले इस मानस पाठ में गांव के वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवा भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। इससे नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी किया जा रहा है।

समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि श्रीरामचरितमानस समिति का गठन वर्ष 1953 में किया गया था। स्थापना के बाद से समिति ने धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक समरसता और पारिवारिक सहयोग की परंपरा को भी निरंतर आगे बढ़ाया है। समिति के सदस्य एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनकर सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल प्रस्तुत करते हैं। वर्षों से समिति धार्मिक आयोजनों, सत्संग, मानस पाठ और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही है।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गुरु महिमा का गुणगान किया गया तथा भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि गुरु ही जीवन को ज्ञान, संस्कार और सही दिशा प्रदान करते हैं। गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है और समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना होती है। इसलिए गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी विशेष अवसर है।

पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्ति रस से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सामूहिक मानस पाठ और भजन-कीर्तन में महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठजनों की सहभागिता ने आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया।

समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि सावन माह के दौरान प्रतिदिन आयोजित होने वाले श्रीरामचरितमानस पाठ में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। कार्यक्रम का समापन आरती, प्रसाद वितरण एवं सभी श्रद्धालुओं के मंगलमय जीवन की कामना के साथ हुआ।

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