राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर गौवंश को पहनाई गई परावर्तक पट्टियां,सड़क सुरक्षा के लिए एनएचएआई का विशेष अभियान।
पीआईयू रीवा के निर्देश पर चला जागरूकता एवं सुरक्षा अभियान,रात्रि में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की पहल।
कटनी। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर रात्रि के समय आवारा गौवंश के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं मानव जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा एक विशेष सड़क सुरक्षा अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर विचरण करने वाले गौवंश के गले में परावर्तक (रिफ्लेक्टिव) पट्टियां पहनाई गईं, ताकि अंधेरे में वाहन चालकों को दूर से ही उनकी उपस्थिति का स्पष्ट संकेत मिल सके और दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सके।
यह अभियान पीआईयू रीवा के आदेशानुसार आयोजित किया गया। परियोजना निदेशक के निर्देश पर कॉरिडोर मैनेजर कुंदन गौतम एवं सी.आर.ओ. मनीष पांडेय के मार्गदर्शन में त्रिपुरारी पांडेय एवं उनकी टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर खुले में विचरण कर रहे गौवंश को परावर्तक पट्टियां पहनाईं। अभियान के दौरान टीम ने राजमार्ग के किनारे एवं सड़क पर घूम रहे अनेक गौवंश को चिन्हित कर उनके गले में उच्च गुणवत्ता वाली रिफ्लेक्टिव पट्टियां लगाईं, जो रात में वाहनों की हेडलाइट पड़ते ही दूर से चमकती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात्रि के समय तेज गति से चलने वाले वाहनों के सामने अचानक गौवंश आ जाने से अनेक बार गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो जाती हैं। कई मामलों में वाहन चालकों को समय रहते पशु दिखाई नहीं देते, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है। परावर्तक पट्टियों के उपयोग से चालक काफी दूरी से ही गौवंश को पहचान सकेंगे और समय रहते वाहन की गति नियंत्रित कर सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सकेंगे।
एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल केवल सड़क दुर्घटनाओं को कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गौवंश के जीवन की रक्षा करना भी है। सड़क दुर्घटनाओं में प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में गौवंश भी घायल अथवा मृत हो जाते हैं। ऐसे में परावर्तक पट्टियां पहनाने जैसी छोटी लेकिन प्रभावी पहल मानव और पशु दोनों की सुरक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
अभियान के दौरान टीम ने स्थानीय नागरिकों, पशुपालकों एवं ग्रामीणों से भी अपील की कि वे अपने मवेशियों को बिना निगरानी के राष्ट्रीय राजमार्ग पर न छोड़ें। पशुपालकों से अनुरोध किया गया कि वे अपने पशुओं की नियमित देखभाल करें तथा उन्हें सड़क पर खुले में विचरण करने से रोकें। वहीं वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, रात्रि में विशेष सावधानी बरतने तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील भी की गई।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर सड़क सुरक्षा को लेकर विभिन्न जागरूकता अभियान संचालित किए जाते हैं। इसी श्रृंखला में यह अभियान भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की पहल निरंतर जारी रही और आमजन का सहयोग भी मिला, तो राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के साथ-साथ गौ संरक्षण को ध्यान में रखकर चलाया गया यह अभियान समाज के लिए प्रेरणादायक है। लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनहित एवं सुरक्षा संबंधी अभियान निरंतर संचालित किए जाएंगे, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर यात्रा करने वाले हजारों वाहन चालकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो सके और गौवंश भी दुर्घटनाओं से सुरक्षित रह सके।


