मझगवां में जन आक्रोश रैली,छात्रों,युवाओं,किसानों और आमजन की 19 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा गया ज्ञापन।

 मझगवां में जन आक्रोश रैली,छात्रों,युवाओं,किसानों और आमजन की 19 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा गया ज्ञापन।

ओबीसी जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार कुर्मी के नेतृत्व में निकली रैली,मुख्यमंत्री,प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा को सौंपा गया ज्ञापन,क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग।

मझगवां। क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को मझगवां में व्यापक जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। ओबीसी जिलाध्यक्ष जबलपुर जितेन्द्र कुमार कुर्मी के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में छात्रों, युवाओं, किसानों, महिलाओं एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों ने भाग लिया। रैली जुट्टा मंदिर तालाब के समीप से प्रारंभ होकर बस स्टैंड मझगवां तक निकाली गई, जहां से प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम संबोधित 19 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार सिहोरा को सौंपा।

रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, बिजली, सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र की जनता मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन कर रही है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। यदि समय रहते इन समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो भविष्य में और भी व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन में मांग की गई कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। पेट्रोल एवं डीजल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण की मंजूरी निरस्त कर इसे बंद किया जाए। मझगवां क्षेत्र में शासकीय महाविद्यालय, आईटीआई, डीएड एवं बीएड कॉलेज की स्थापना की जाए ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज न जाना पड़े। समान शिक्षा नीति लागू करते हुए शासकीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भी निजी शिक्षण संस्थानों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।

ज्ञापन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां को सिविल अस्पताल का दर्जा देने तथा पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा प्रति एकड़ पांच क्विंटल करने तथा सभी गांवों एवं किसानों तक नहर का पानी पहुंचाने की मांग भी रखी गई।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रतापपुर भीखाखेड़ा से सिहोरा मार्ग पर तेज रफ्तार से दौड़ रहे हाइवा वाहनों पर नियंत्रण लगाने, मझगवां क्षेत्र की सभी शराब दुकानों को बंद करने, राजस्व विभाग के कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर कार्य करने के निर्देश जारी करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की।

इसके अतिरिक्त कृषि पंपों के स्थायी विद्युत कनेक्शन के लिए दूरी संबंधी बाध्यता समाप्त कर सभी पात्र किसानों को स्थायी कनेक्शन देने, किसानों के राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों को गांव-गांव शिविर लगाकर सुधारने, अघोषित बिजली कटौती बंद करने, कृषि मंडी सिहोरा में चोरी एवं असामाजिक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने तथा ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को बदलने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

ज्ञापन में अमेरिका के साथ प्रस्तावित कृषि समझौते को निरस्त करने तथा कृषि पंपों के बढ़ाए गए हॉर्सपावर लोड में आवश्यक सुधार करने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसानों और ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना आवश्यक है।

रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि क्षेत्र के छात्रों, युवाओं, किसानों और आमजन के अधिकारों तथा विकास के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस अवसर पर एडवोकेट इंद्रकुमार पटेल जिला पंचायत सदस्य, जितेन्द्र कुमार कुर्मी ओबीसी जिलाध्यक्ष जबलपुर, प्रदीप पटेल जिला पंचायत सदस्य, नोकेलाल प्रजापति, सुनील विश्वकर्मा, संतकुमार पटेल, राजा पटेल जनपद सदस्य, अशोक पटेल, दीपक यादव, राजेश यादव, अमित विश्वकर्मा, छोटे पटेल, रामराज पटेल, संतराम पटेल, डॉ. विनोद पटेल, संतोष राय, रंजीत पटेल, आशीष पटेल, अकलेश पटेल, जितेन्द्र पटेल, अनिल पटेल, कन्हैयालाल जाटव, इमरत लाल नूनिया, शिवशंकर पटेल, विकास काछी, मदन पटेल, शिवप्रसाद पटेल, अनिल दाहिया, संदीप पटेल, मुकेश पटेल, प्रदोष पटेल, अवसर पटेल, लक्ष्मीनारायण पटेल, ब्रजेंद्र पटेल, पवन सोनी, विनय पटेल, ओमप्रकाश पटेल, लखन पटेल, बीरेंद्र पटेल, कप्तान गोकुल, मोनू विश्वकर्मा सहित हजारों की संख्या में किसान, युवा एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

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