ढीमरखेड़ा पुलिस की बड़ी सफलता,हत्या के दो आरोपी 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार,न्यायालय ने भेजा जेल।
मारपीट में घायल व्यक्ति की उपचार के दौरान हुई थी मौत,पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को दबोचा,अन्य आरोपियों की तलाश जारी।
ढीमरखेड़ा। जिले में गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा द्वारा सभी थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में ढीमरखेड़ा पुलिस ने हत्या के एक गंभीर मामले में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए घटना के महज 48 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है तथा इसे कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य के निर्देशन तथा एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी के सतत पर्यवेक्षण में थाना ढीमरखेड़ा की पुलिस टीम ने थाना प्रभारी निरीक्षक महिमा रघुवंशी के नेतृत्व में लगातार प्रयास करते हुए इस मामले का शीघ्र खुलासा किया। पुलिस अधिकारियों ने विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम खम्हरिया निवासी सुखबरा बाई पति स्वर्गीय प्रहलाद कोल द्वारा थाना ढीमरखेड़ा में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर थाना ढीमरखेड़ा में अपराध क्रमांक 425/2026 पंजीबद्ध कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज करते हुए विवेचना प्रारंभ की गई। प्रारंभिक जांच में यह मामला मारपीट का प्रतीत हुआ, लेकिन जैसे-जैसे विवेचना आगे बढ़ी और चिकित्सकीय दस्तावेज सामने आए, प्रकरण ने गंभीर रूप धारण कर लिया।
जांच में सामने आया कि दिनांक 20 जुलाई 2026 को प्रहलाद कोल के साथ विवाद के दौरान आरोपियों द्वारा मारपीट की गई थी, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। घटना के बाद उनका उपचार कराया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने प्रकरण में हत्या से संबंधित धाराओं का इजाफा कर मामले की विवेचना को और अधिक गंभीरता से आगे बढ़ाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक महिमा रघुवंशी ने तत्काल पुलिस टीम का गठन किया। टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तथा आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी। लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस ने विदेशी उर्फ परदेसी कोल एवं कुलसिया बाई कोल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के बाद उन्हें आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूर्ण करते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकरण में अभी विवेचना जारी है तथा मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा तथा पूरे मामले का निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से अनुसंधान किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले में हत्या, लूट, चोरी, अवैध गतिविधियों तथा अन्य संगीन अपराधों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत ढीमरखेड़ा पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई जिले में अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की सक्रियता और तत्परता को दर्शाती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गंभीर अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी तथा कानून के दायरे में रहकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक महिमा रघुवंशी की नेतृत्व क्षमता के साथ उप निरीक्षक जयपाल सिंह, उप निरीक्षक विजेंद्र तिवारी, प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास, आरक्षक पंकज सिंह, आरक्षक देवेंद्र अहिरवार, आरक्षक अजय धुर्वे तथा आरक्षक गंधर्ब सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने लगातार मेहनत, सूझबूझ और समन्वय के साथ कार्रवाई करते हुए कम समय में आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
क्षेत्र के नागरिकों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में शीघ्र कार्रवाई से अपराधियों में कानून का भय बढ़ता है और आम जनता का पुलिस पर विश्वास मजबूत होता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार की प्रभावी कार्रवाई से क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि दिखाई दे या किसी अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी हो, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा प्राप्त सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने स्पष्ट किया कि अपराधियों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे जिले में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत बनी रहे।


