पत्रकार और साहित्यकार दोनों सहोदर स्वाभिमानी,पत्रकार सुरक्षा कानून पर अब निर्णायक संघर्ष का समय,पद्मश्री बाबूलाल दाहिया।

 पत्रकार और साहित्यकार दोनों सहोदर स्वाभिमानी,पत्रकार सुरक्षा कानून पर अब निर्णायक संघर्ष का समय,पद्मश्री बाबूलाल दाहिया।

मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की पांचवीं प्रदेश कार्यसमिति कटनी में संपन्न,पत्रकार भवन,पत्रकार सुरक्षा कानून,संगठनात्मक मजबूती और प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति पर हुआ व्यापक मंथन।

लोकतंत्र की मजबूती का आधार मानी जाने वाली पत्रकारिता के सामने आज अनेक चुनौतियां खड़ी हैं। ऐसे समय में पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और संगठनात्मक एकजुटता को नई दिशा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की पांचवीं प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक कटनी में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे पत्रकार प्रतिनिधियों, वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों की उपस्थिति में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकार भवन निर्माण, संगठन के विस्तार, पत्रकारों के सामाजिक सम्मान तथा भविष्य की संघर्ष रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है और यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार और साहित्यकार दोनों स्वाभिमान के सहोदर हैं। दोनों ही समाज को दिशा देने, जनमानस में चेतना जगाने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल घटनाओं का संकलन नहीं बल्कि समाज के प्रति एक नैतिक दायित्व है। पत्रकार अपने साहस, ईमानदारी और निष्पक्षता के बल पर समाज के सामने सत्य को प्रस्तुत करता है और यही उसकी सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि साहित्य और पत्रकारिता का उद्देश्य भी समाज को सही दिशा देना है, इसलिए दोनों का रिश्ता आत्मीय और अविभाज्य है।

पद्मश्री दाहिया ने कटनी अंचल की पारंपरिक "पटेरी" बोली का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय बोलियां हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश की अनेक बोलियों और भाषाओं को पहचान मिली है, उसी प्रकार पटेरी बोली को भी उचित सम्मान और संरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि संस्कृति, परंपरा और इतिहास की पहचान होती है। यदि स्थानीय भाषाओं और बोलियों का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक विरासत से दूर हो जाएंगी।

प्रदेशाध्यक्ष शलभ भदौरिया ने अपने उद्बोधन में पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर स्पष्ट और दो टूक शब्दों में कहा कि यह मांग वर्षों से लंबित है और अब इसे किसी भी कीमत पर टालने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के पत्रकार लगातार कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं। कई बार उन्हें सामाजिक, राजनीतिक और आपराधिक दबावों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनके संरक्षण के लिए प्रभावी कानून आज तक लागू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार पत्रकारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे। यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के प्रत्येक जिले में चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने सभी जिला इकाइयों से आह्वान किया कि वे संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें तथा पत्रकार हितों की लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

उन्होंने कहा कि संगठन केवल मांगपत्र देने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशभर के पत्रकारों की एकजुटता इस संघर्ष को नई दिशा देगी और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराने की दिशा में निर्णायक सफलता मिलेगी।

बड़वारा विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच सबसे मजबूत कड़ी हैं। गांव से लेकर राजधानी तक की समस्याओं को शासन तक पहुंचाने का कार्य पत्रकार ही करते हैं। उन्होंने कहा कि समाचार पत्र केवल खबरों का माध्यम नहीं बल्कि ज्ञान का भंडार भी हैं। आज भी विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समाचार पत्रों की कटिंग सुरक्षित रखते हैं। उन्होंने पत्रकारों की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए बड़वारा एवं ढीमरखेड़ा क्षेत्र में पत्रकार भवन निर्माण के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कटनी विधायक संदीप जायसवाल ने कहा कि कटनी प्राकृतिक संपदा, औद्योगिक विकास और रेल संपर्क की दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है। यहां से देश की चारों दिशाओं में रेल सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे यह जिला रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बन जाता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार भवन निर्माण की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है और इसके लिए शासन स्तर पर आवश्यक पहल की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पहले भूमि उपलब्ध कराने और उसके बाद भवन निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

महापौर प्रीति सूरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं को पूरी गंभीरता से उठाते हैं, लेकिन जब उन समस्याओं का समाधान हो जाता है तब उसकी जानकारी भी प्रमुखता से प्रकाशित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता समाज में विश्वास का वातावरण बनाती है और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यसमिति के दौरान पत्रकार सुरक्षा कानून के मसौदे पर विस्तृत चर्चा हुई। विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पत्रकारों के विरुद्ध बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रभावी सुरक्षा कानून समय की आवश्यकता है। बैठक में इस विषय पर सरकार तक प्रभावी तरीके से बात पहुंचाने और जनप्रतिनिधियों से संवाद बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई।

प्रांतीय कोषाध्यक्ष शिशुपाल तोमर ने संगठन के आय-व्यय का विस्तृत विवरण सदन के समक्ष प्रस्तुत करते हुए वित्तीय पारदर्शिता की जानकारी दी। उन्होंने संगठन की आर्थिक स्थिति, सदस्यता विस्तार और आगामी गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधनों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

महासचिव सुनील त्रिपाठी की अनुपस्थिति में उनका प्रतिवेदन प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप सिंह भदौरिया द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रतिवेदन में संगठन की वर्षभर की गतिविधियों, उपलब्धियों, विभिन्न जिलों में हुए कार्यक्रमों तथा भविष्य की कार्ययोजना का विस्तार से उल्लेख किया गया। प्रतिवेदन पर उपस्थित सदस्यों ने अपने सुझाव भी दिए और संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने पर सहमति व्यक्त की।

संगठन प्रभारी मोहम्मद अली ने खरगोन में आयोजित पूर्व कार्यसमिति में लिए गए निर्णयों को सदन के समक्ष रखा। सभी निर्णयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उन्हें सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती का आधार अनुशासन, सक्रियता और पारदर्शिता है तथा प्रत्येक इकाई को संगठन की नीतियों के अनुरूप कार्य करना चाहिए।

बैठक में शासन-संगठन समन्वय समिति के संयोजक रिजवान अहमद सिद्दीकी, विधि प्रकोष्ठ संयोजक संदीप शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष परसराम चौहान, राजकुमार दुबे, रामकिशोर अग्रवाल, प्रवीण मिश्रा, राजेंद्र पुरोहित, राजेंद्र राठौर, अमित द्विवेदी सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संगठनात्मक विषयों पर अपने विचार रखे और पत्रकार हितों की लड़ाई को और मजबूत बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

महिला प्रकोष्ठ की संयोजक अनीता चौबे, सहसंयोजक प्रगति श्रीवास्तव तथा शाजिया खान सहित बड़ी संख्या में महिला पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। वक्ताओं ने कहा कि महिला पत्रकारों की बढ़ती भागीदारी संगठन की शक्ति और सामाजिक बदलाव का सकारात्मक संकेत है।

विधिक सलाहकार संदीप शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि संगठन के नाम का कथित रूप से अनुचित उपयोग करने वाले लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि आवश्यक होने पर ऐसे मामलों में न्यायालय की अवमानना संबंधी प्रकरण उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे ताकि संगठन की वैधानिक पहचान और गरिमा सुरक्षित रह सके।

इस महत्वपूर्ण प्रदेश कार्यसमिति में छतरपुर, शहडोल, उमरिया, नीमच, खंडवा, खरगोन, मुरैना, भोपाल, जबलपुर, मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, दतिया, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, भिंड, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर और झाबुआ सहित प्रदेश के अनेक जिलों से आए प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सभी जिलों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों की जानकारी साझा की और पत्रकारों की समस्याओं पर गंभीर चर्चा की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पारस जैन एवं डॉ. रौशनी विलईया ने प्रभावशाली ढंग से किया। कटनी जिला इकाई के अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र राजपूत एवं उनकी टीम ने प्रदेशभर से आए अतिथियों, पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर संगठन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कटनी के पूर्व जिलाध्यक्षों, विभिन्न जिलों से आए अध्यक्षों एवं महासचिवों का सम्मान भी किया गया।

इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में कटनी जिला इकाई के महासचिव अज्जू सोनी, आशीष सोनी, डॉ. मनोज खरे, सजल जैन, अनंत गुप्ता, संतोष तोमर, लूनेश्वर पुरी, सूरज सुवेदी, अमित जैन, सुरेश उसरेटे, डॉ. ज्योति राजपूत, रश्मि राय, दीपिका खम्परिया, लालू कुशवाहा, राकेश यादव, सुखचैन पटेल, सतीश चौरसिया, सुशील मिश्रा, गोकुल दीक्षित, सोमनाथ पटेल, नीरज तिवारी, महेंद्र सोनी (गुड्डू)गोविन्द गिरी गोस्वामी, सुनील दुबे, सपना बर्मन, दीनदयाल रजक,पीतम बर्मन, हिमांशु बर्मन, अमित विश्वकर्मा, मुकेश यादव सहित अनेक साथियों का उल्लेखनीय सहयोग रहा।

कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प दोहराया गया कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, स्वतंत्रता और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन निरंतर संघर्ष करता रहेगा। साथ ही पत्रकार भवन निर्माण, पत्रकार सुरक्षा कानून तथा पत्रकार कल्याण से जुड़े सभी मुद्दों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। प्रदेश कार्यसमिति ने विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकारों की एकजुटता, संगठन की सक्रियता और लोकतांत्रिक संघर्ष के बल पर पत्रकार हितों की सभी प्रमुख मांगों को शीघ्र पूरा कराया जाएगा तथा मध्य प्रदेश में पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में एक नया अध्याय लिखा जाएगा।

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