धार में वायरल वीडियो पर विवाद,सीएचओ के बयान के बाद कार्रवाई की अनुशंसा,प्रशासनिक जांच जारी।
सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मचा विवाद,भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद सीएमएचओ ने एनएचएम को भेजा कार्रवाई का प्रस्ताव।
धार।मध्यप्रदेश के धार जिले में एक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) का कथित वायरल वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। जिले के बाग विकासखंड अंतर्गत काकड़वा गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सीएचओ किरण भाटिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। वीडियो को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में संबंधित सीएचओ केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके समर्थकों तथा जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े विषयों पर अपनी व्यक्तिगत टिप्पणियां करती हुई दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर के भीतर रिकॉर्ड किया गया था और बाद में सोशल मीडिया स्टेटस के माध्यम से साझा किया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर इसको लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं। भाजपा नेताओं ने इसे सरकारी कर्मचारी के आचरण से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए संबंधित अधिकारियों से शिकायत की और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले का संज्ञान लिया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने प्रारंभिक स्तर पर मामले की समीक्षा करने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संचालक को पत्र भेजकर संबंधित सीएचओ के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने तथा सेवा से हटाने की अनुशंसा की है। हालांकि अंतिम निर्णय एनएचएम स्तर पर लिया जाना शेष है और प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है।
जानकारी के अनुसार किरण भाटिया वर्ष 2023 से काकड़वा उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ हैं। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवकों के लिए सेवा आचरण नियम निर्धारित हैं और यदि किसी कर्मचारी द्वारा इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आवश्यक औपचारिक कार्रवाई जारी है। संबंधित कर्मचारी का पक्ष तथा जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में इस पूरे मामले में प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को सेवा आचरण नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से व्यक्त किए जाने वाले विचार भी कई परिस्थितियों में सेवा नियमों के दायरे में आते हैं। इसलिए इस मामले का अंतिम निष्कर्ष जांच और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।यदि चाहें तो मैं इसी समाचार के लिए एक आकर्षक थंबनेल/बैनर का डिज़ाइन भी तैयार कर सकता हूँ।


