इंद्रानगर में चल रहा बेखौफ सट्टा–पुलिस से सैंटिंग का दावा करता सटोरिया।
आशीष गुप्ता खुलेआम कर रहा सट्टे का कारोबार,पुलिस प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल।
कटनी,ग्रामीण खबर MP:
शहर के इंद्रानगर क्षेत्र में सट्टे का काला कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है और प्रशासन मूकदर्शक की भूमिका निभाता नजर आ रहा है। इलाके में आशीष गुप्ता नामक किराना व्यापारी लंबे समय से सट्टा व्यवसाय में संलिप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आशीष गुप्ता बेधड़क यह दावा करता है कि उसकी पुलिस प्रशासन से गहरी सैंटिंग है और उसके खिलाफ कोई कार्यवाही करना किसी अधिकारी के लिए संभव नहीं है। यह बयान न केवल कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है, बल्कि पुलिस की निष्क्रियता को भी उजागर करता है।
आम नागरिकों का कहना है कि जब एक सटोरिया इस हद तक हिम्मत जुटाकर खुलेआम पुलिस को चुनौती देता है, तो यह पुलिस की कार्यशैली पर सीधा आघात है। लोगों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर किन कारणों से पुलिस आंख मूंदकर सट्टे जैसे अपराध को संरक्षण देती नजर आ रही है। कहीं ऐसा तो नहीं कि पुलिस-प्रशासन की चुप्पी के पीछे मिलीभगत की मजबूत परतें छिपी हुई हैं।
इंद्रानगर क्षेत्र के युवाओं और गरीब तबके के बीच यह सट्टा व्यवसाय गहरी पैठ बना चुका है। सट्टे की लत ने न जाने कितने घरों की खुशियां छीन ली हैं और कितने परिवार कर्ज और बर्बादी के दलदल में धंस गए हैं। युवाओं का भविष्य दांव पर लग रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम न उठाना चौंकाने वाला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस यदि चाह ले तो एक झटके में इस अवैध धंधे को खत्म कर सकती है, मगर लंबे समय से इस पर अंकुश न लगना कई सवाल खड़े कर रहा है।
गली-गली में चल रही चर्चाओं के मुताबिक आशीष गुप्ता का नेटवर्क काफी मजबूत है और उसका हौसला इसी वजह से सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि उसकी दुकान के आसपास दिनभर संदिग्ध गतिविधियां देखी जा सकती हैं, फिर भी पुलिस गश्त और कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित है। इंद्रानगर की जनता बार-बार शिकायतें कर चुकी है, लेकिन शिकायतें रद्दी की टोकरी में डाल दी जाती हैं।
पुलिस की कार्यशैली पर यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या प्रशासन का ध्यान केवल छोटे अपराधियों तक ही सीमित रह गया है और बड़े अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। यदि यही हालात रहे तो सट्टे का यह कारोबार सिर्फ इंद्रानगर तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे शहर में अपने पैर पसार लेगा।
अब देखने का विषय यह है कि पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर आशीष गुप्ता जैसे सटोरियों पर नकेल कसता है या फिर जनता की आंखों के सामने यह अवैध कारोबार इसी तरह फलता-फूलता रहेगा। कटनी की जनता फिलहाल इंतजार कर रही है कि कानून का राज वास्तव में कायम होता है या फिर एक सटोरिये का प्रभाव पूरे पुलिस प्रशासन से भारी साबित होता है।
ग्रामीण खबर MP-
जनमानस की निष्पक्ष आवाज
प्रधान संपादक:अज्जू सोनी | संपर्क:9977110734
