साधारण जन में छिपी असाधारण शक्ति को गले लगाकर दी मानवीयता की मिसाल: विधायक संजय पाठक ने रिक्शा चालक से किया आत्मीय संवाद।

 साधारण जन में छिपी असाधारण शक्ति को गले लगाकर दी मानवीयता की मिसाल: विधायक संजय पाठक ने रिक्शा चालक से किया आत्मीय संवाद।

प्रातः भ्रमण के दौरान रिक्शा चालक से आत्मीय मुलाकात, श्रमशीलता और विनम्रता को बताया समाज की असली ताकत।

कटनी,ग्रामीण खबर mp:

सार्वजनिक जीवन में जब कोई जनप्रतिनिधि जमीन से जुड़ा हो, तो उसकी संवेदनाएं केवल योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि आम जन की पीड़ा, संघर्ष और जीवन शैली से आत्मिक स्तर पर जुड़ जाती हैं। विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने 18 जुलाई 2025 की सुबह अपने नियमित प्रातः भ्रमण के दौरान इसी भावभूमि को फिर से सिद्ध किया। भ्रमण के समय उनकी मुलाकात एक रिक्शा चालक से हुई, जो न केवल उनके प्रशंसक हैं, बल्कि मेहनतकश वर्ग का प्रतिनिधि भी हैं।

विधायक संजय पाठक ने उस रिक्शा चालक को गले लगाकर हालचाल जाना। न कोई औपचारिकता, न कोई मंच—बस एक आत्मीय क्षण, जो समाज में आत्मसम्मान और मानवीय मूल्यों की मिसाल बन गया। उस रिक्शा चालक की आंखों में चमक, चेहरे पर संतोष और स्वाभिमान से भरी मुस्कान ने विधायक को भीतर तक छू लिया।

इस मुलाकात को लेकर विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी मुस्कान बनाए रखना, दूसरों के प्रति आदरभाव रखना और परिश्रम को जीवन की पूजा मानना, यही हमारी समाज की असली पूंजी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे नागरिक जो सीमित संसाधनों में भी अपने आत्मसम्मान और कर्तव्यबोध के साथ जीवन जीते हैं, वही इस देश की नींव को मज़बूती देते हैं।

विधायक श्री पाठक का यह व्यवहार न केवल उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि नेतृत्व केवल भाषणों में नहीं, बल्कि व्यवहार और दृष्टिकोण में झलकता है। जब एक जनप्रतिनिधि स्वयं समाज के उस वर्ग के पास जाकर उन्हें गले लगाता है, जिनकी उपेक्षा अक्सर समाज करता आया है, तब यह केवल एक मुलाकात नहीं रहती—यह सामाजिक चेतना को जाग्रत करने वाली एक प्रेरक घटना बन जाती है।

विधायक संजय सत्येंद्र पाठक का यह मानवीय दृष्टिकोण पहले भी कई बार देखा गया है। चाहे कोई बुजुर्ग हो, कोई विद्यार्थी, या फिर ऐसा ही कोई मेहनतकश नागरिक—विधायक हर वर्ग के साथ उसी आत्मीयता से संवाद करते हैं। यह जुड़ाव केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय सरोकारों से प्रेरित है।

आज जब राजनीति अकसर जनविच्छेद का प्रतीक बनती जा रही है, तब संजय पाठक जैसे जनप्रतिनिधि यह याद दिलाते हैं कि लोकतंत्र की असली ताकत ‘जन’ में ही निहित है। और जब कोई प्रतिनिधि उस 'जन' से दिल से जुड़ता है, तब एक नई संवेदना, एक नई दृष्टि और एक नई दिशा का जन्म होता है।

यह घटना सिर्फ एक रिक्शा चालक से आत्मीय संवाद नहीं, बल्कि उस श्रमशील वर्ग के प्रति सम्मान की घोषणा थी, जो हर दिन हमें आगे बढ़ने में मदद करता है। यही साधारण जन, वास्तव में समाज की असाधारण शक्ति हैं—और विधायक संजय पाठक ने उन्हें सम्मान देकर, समाज की आत्मा को नमन किया है।


प्रधान संपादक:अज्जू सोनी,ग्रामीण खबर mp

संपर्क सूत्र:99777110734

Post a Comment

Previous Post Next Post