सिलौंडी के वार्ड क्रमांक 6 में जल निकासी नहीं, घरों और सड़कों पर भरा गंदा पानी, ग्रामीण बेहाल।
लगातार शिकायतों के बाद भी नहीं जागी पंचायत,सचिव ने कही सफाई व्यवस्था सुधारने की बात।
सिलौंडी,ग्रामीण खबर mp:
कटनी जिले की ग्राम पंचायत सिलौंडी के वार्ड क्रमांक 6 के रहवासी इन दिनों भारी संकट का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पूरे मोहल्ले में गंदे पानी की भरमार हो गई है। हालात इतने खराब हैं कि बारिश के पानी के साथ नालियों का गंदा पानी घरों में घुसने लगा है। लोगों को न केवल स्वास्थ्य संबंधी जोखिम झेलने पड़ रहे हैं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
स्थानीय निवासी नत्थू काछी, प्रह्लाद काछी, मदन काछी और रविंद्र काछी ने बताया कि उनके घरों में बारिश का पानी और नालियों का गंदा पानी घुस आया है। न केवल घर कीचड़ और बदबू से भरे हैं, बल्कि बाहर की सड़कें भी इस गंदे पानी में डूबी हुई हैं। राहगीरों, स्कूली बच्चों और किसानों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से उन्हीं रास्तों से होकर हमें आसपास के गांवों और खेतों तक जाना होता है, जो पूरी तरह जलमग्न हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या के बारे में उन्होंने कई बार पंचायत को अवगत कराया है। शिकायतें दी गईं, मौखिक रूप से भी निवेदन किया गया, लेकिन ग्राम पंचायत सिलौंडी की ओर से आज तक कोई समाधान नहीं निकाला गया। शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि समस्या केवल पानी की निकासी नहीं है, बल्कि वर्षों से जमे हुए मलबे को हटाया ही नहीं गया है, जिससे नालियों का पानी अवरुद्ध होकर सड़कों और घरों की ओर बह रहा है।
एक ओर जहां ग्रामीणों को स्वास्थ्य समस्याओं का डर सता रहा है, वहीं दूसरी ओर पंचायत की निष्क्रियता लोगों में नाराजगी का कारण बन रही है। बरसात के मौसम में गंदे पानी के जमा होने से डेंगू, मलेरिया और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है।
इस गंभीर मुद्दे को लेकर जब ग्राम पंचायत सिलौंडी के सचिव देवराज धनगर से बात की गई तो उन्होंने कहा,"मेरी अभी-अभी ग्राम पंचायत सिलौंडी में नियुक्ति हुई है। यदि नाली में सफाई नहीं हुई है, तो तुरंत सफाई कर्मचारी को भेजकर सफाई कराते हुए पानी निकासी की व्यवस्था बनवाई जाएगी।"
हालांकि सचिव की यह टिप्पणी ग्रामीणों की समस्या को सुनने और समाधान की दिशा में एक आशा ज़रूर जगाती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल सफाई कर्मचारियों को भेजने से वर्षों से उपेक्षित समस्या हल हो पाएगी? क्या पंचायत इस बार वाकई कोई ठोस कदम उठाएगी या फिर ग्रामीणों को अगली बारिश तक इसी तरह पानी और कीचड़ में रहने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा?
जनता की उम्मीदें अब ग्राम पंचायत के ईमानदार और त्वरित कार्यप्रणाली पर टिकी हुई हैं। देखना होगा कि ग्राम पंचायत सिर्फ आश्वासन देती है या वास्तव में कुछ करके दिखाती है।
प्रधान संपादक:अज्जू सोनी,ग्रामीण खबर mp
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