शंख, घंटा और थाली बजाकर किया प्रदर्शन, पूछा—कब पूरा होगा सिहोरा को जिला बनाने का 22 साल पुराना वादा?

 शंख, घंटा और थाली बजाकर किया प्रदर्शन, पूछा—कब पूरा होगा सिहोरा को जिला बनाने का 22 साल पुराना वादा?

भाजपा संभागीय कार्यालय जबलपुर में सिहोरा वासियों का अनोखा विरोध प्रदर्शन, पोस्टरों में नेताओं के वादों की तारीखें दिखाकर मांगा हिसाब।

जबलपुर,ग्रामीण खबर mp:

सिहोरा को जिला बनाए जाने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर जन आक्रोश फूट पड़ा। 22 वर्षों से लंबित इस माँग को लेकर गुरुवार को सिहोरा वासियों ने भाजपा संभागीय कार्यालय रानीताल, जबलपुर का घेराव किया। लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के बैनर तले जुटे लोगों ने शंख, घंटा और थाली बजाकर सरकार को उसके वादे याद दिलाए और पूछा कि जब वादा आपने किया था तो अब निभा क्यों नहीं रहे?

इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष,महिलाएं,छात्र-नौजवान शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के उन नेताओं की घोषणाओं को पोस्टर बनाकर कार्यालय की बाहरी दीवारों पर चस्पा कर दिया, जिन्होंने सिहोरा को जिला बनाए जाने का वादा किया था। इन पोस्टरों में नेताओं की तस्वीरें, घोषणाओं की तारीखें और सार्वजनिक मंचों से दिए गए आश्वासनों का ब्यौरा अंकित था।

प्रदर्शन के दौरान नारों से पूरा परिसर गूंज उठा—“उमा भारती कौन है?”, “शिवराज सिंह चौहान कौन है?”, “स्मृति ईरानी कौन है?”, “संतोष बरकड़े कौन है?” इन सवालों के माध्यम से सिहोरा वासियों ने नेताओं को उनकी जवाबदेही याद दिलाई।

प्रदर्शनकारियों से मिलने भाजपा के जिला महामंत्री पंकज दुबे पहुंचे और उन्होंने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि वे सिहोरा को जिला बनाने की मांग को प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएंगे। परंतु प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आश्वासन अब काफी नहीं है, वे ठोस कार्रवाई चाहते हैं।

नेताओं के वादों की लंबी फेहरिस्त:

सिहोरा को जिला बनाए जाने को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा विगत विधानसभा चुनावों के पहले कई बार वादे किए गए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह कोई नई मांग नहीं है, बल्कि यह मांग 21 वर्षों से निरंतर उठाई जा रही है और इसका दस्तावेजी इतिहास भी मौजूद है:

1.दिनांक 08 सितंबर 2023 को भाजपा की विकास यात्रा के दौरान तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने सिहोरा में आमसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि “सिहोरा को 21 वर्ष पहले ही जिला बन जाना था।” उन्होंने इस मांग को जायज़ बताते हुए जनता को आश्वस्त किया था कि भाजपा इस दिशा में गंभीर है और जल्द निर्णय लिया जाएगा।

2.दिनांक 08 नवंबर 2023 को विधानसभा चुनाव के समय भाजपा प्रत्याशी संतोष बरकड़े ने बाबा ताल मंदिर परिसर में आयोजित जनसभा में कहा था कि यदि जनता उन्हें जिताती है तो भाजपा सरकार बनते ही सिहोरा को जिला बनाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।

3.दिनांक 15 नवंबर 2023 को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सिहोरा के पुराने बस स्टैंड में जनसभा को संबोधित करते हुए सिहोरा को जिला बनाने का वचन दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वह स्वयं इस संबंध में मुख्यमंत्री से बात करेंगी।

4.दिनांक 16 नवंबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जबलपुर के वरिष्ठ सदस्य डॉक्टर जितेंद्र जामदार की मध्यस्थता में लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के प्रतिनिधियों से मोबाइल पर वार्ता की थी और उन्हें यह विश्वास दिलाया था कि यदि भाजपा सत्ता में आई, तो सिहोरा को प्राथमिकता के आधार पर जिला बनाया जाएगा।

सरकार ने खुद जारी किया था राजपत्र, फिर क्यों नहीं बना जिला?

प्रदर्शनकारियों ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2001 से 2003 के बीच सिहोरा को जिला बनाने की पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी थी। 11 जुलाई 2003 को मध्यप्रदेश शासन द्वारा इसका राजपत्र भी जारी कर दिया गया था और 1 अक्टूबर 2003 को इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी थी। लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण कलेक्टर एवं एसपी की नियुक्ति नहीं हो सकी और मामला अधर में लटक गया। विडंबना यह है कि तब से अब तक किसी भी सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

ब्लॉक से जिला स्तर तक हो चुके हैं प्रदर्शन:

लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के संयोजक अनिल जैन, विकास दुबे, कृष्ण कुमार कुररिया, नरेंद्र गर्ग, गौरी हर राजे, राकेश पाठक, मानस तिवारी, नंदकुमार परोहा, रामजी शुक्ला, अन्नु गर्ग, अनिल दाहिया आदि ने बताया कि आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। पहले ब्लॉक स्तर, फिर सिहोरा स्तर और अब जिला स्तर पर प्रदर्शन हो चुके हैं। लेकिन यदि सरकार ने अब भी निर्णय नहीं लिया, तो अगला बड़ा आंदोलन राजधानी भोपाल में भाजपा के प्रदेश कार्यालय के बाहर किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं है, बल्कि सिहोरा की जनता का अधिकार है जिसे वे वर्षों से लोकतांत्रिक ढंग से मांगते आ रहे हैं। अब जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि घोषणा पत्र में किए गए वादों को लागू करने की अपेक्षा है।


प्रधान संपादक:

अज्जू सोनी,ग्रामीण खबर MP

संपर्क:9977110734

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