विश्व हिन्दी रचनाकार मंच के सौजन्य से भव्य मातृशक्ति रत्न सम्मान समारोह सम्पन्न,‘सबसे बड़ी है माँ’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

 विश्व हिन्दी रचनाकार मंच के सौजन्य से भव्य मातृशक्ति रत्न सम्मान समारोह सम्पन्न,‘सबसे बड़ी है माँ’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण।

कटनी की 16 कवयित्रियों की रचनाओं को मिला राष्ट्रीय मंच,समाजसेवी व अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी मातृशक्ति रत्न सम्मान से सम्मानित।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

विश्व हिन्दी रचनाकार मंच के सौजन्य से आयोजित मातृशक्ति रत्न सम्मान समारोह एवं ‘सबसे बड़ी है माँ’ पुस्तक का लोकार्पण समारोह अत्यंत गरिमामय एवं भावनात्मक वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में देशभर से आईं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 111 मातृशक्तियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कटनी जिले की समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी को साहित्य, समाजसेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मातृशक्ति रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।

पुरानी कचहरी स्थित आनंदम क्लब सभागार में आयोजित यह भव्य समारोह मुख्य संयोजिका रेखा अंजू तिवारी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व हिन्दी रचनाकार मंच के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष राघवेन्द्र ठाकुर, नगर निगम कटनी की महापौर प्रीति संजीव सूरी, हिन्दी लेखिका संघ की अध्यक्ष डॉ. ऊषा पांडेय, सुदर्शना क्लब की प्रतिनिधि कांता भौमिया, वरिष्ठ मातृशक्ति शकुंतला पांडेय एवं वार्ड पार्षद शकुंतला सोनी सहित अन्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में शासकीय शिक्षिका उर्मिला साई प्रीत द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊर्जा से भर दिया। उपस्थित अतिथियों एवं मातृशक्तियों ने कार्यक्रम की भव्यता और आत्मीयता की सराहना की। मंचासीन अतिथियों का स्वागत रोली तिलक, मोतियों की माला, बैच एवं पगड़ी पहनाकर किया गया। स्वागत सम्मान में शशि शुक्ला, कल्पना चौरसिया, मनीषा काम्बले, टीना सिंह, मांडवी पाण्डेय सहित अन्य कवयित्रियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समारोह का मुख्य आकर्षण विश्व हिन्दी रचनाकार मंच के माध्यम से प्रकाशित पुस्तक ‘सबसे बड़ी है माँ’ का लोकार्पण रहा। इस विशेष पुस्तक में कटनी जिले की 16 प्रतिभाशाली कवयित्रियों की रचनाओं को स्थान दिया गया है। पुस्तक का उद्देश्य मातृत्व, संवेदना, संस्कार और महिला शक्ति के महत्व को साहित्यिक माध्यम से समाज तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों एवं बुद्धिजीवियों ने इस पहल को महिला सृजनशीलता को प्रोत्साहन देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

मुख्य अतिथि राघवेन्द्र ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि मातृशक्ति केवल परिवार की आधारशिला नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने जीवन पथ पर सदैव आत्मविश्वास, सकारात्मकता और मुस्कान के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि महिलाओं की लेखनी समाज में संवेदनशीलता और संस्कारों का संचार करती है।

महापौर प्रीति संजीव सूरी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे साहित्यिक और सामाजिक आयोजन समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने मुख्य संयोजिका रेखा अंजू तिवारी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कटनी जिले की महिलाओं और कवयित्रियों को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी सम्मानित मातृशक्तियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखमय एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं हिन्दी लेखिका संघ की अध्यक्ष डॉ. ऊषा पांडेय ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की साहित्यिक भागीदारी निरंतर बढ़ रही है और यह समाज के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि मां केवल एक शब्द नहीं बल्कि संपूर्ण सृष्टि की संवेदनाओं का केंद्र है, और इसी भाव को पुस्तक ‘सबसे बड़ी है माँ’ में अत्यंत सुंदरता के साथ प्रस्तुत किया गया है।

समारोह में लक्ष्मी रजक द्वारा ‘सबसे बड़ी है माँ’ विषय पर प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुति ने सभी उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति को उपस्थित अतिथियों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में विभिन्न कवयित्रियों द्वारा मातृत्व, नारी शक्ति, संस्कार एवं सामाजिक मूल्यों पर आधारित रचनाओं का वाचन भी किया गया, जिसने वातावरण को साहित्यिक गरिमा से भर दिया।

कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली संचालन समाजसेवी रागनी मित्तल द्वारा किया गया। उन्होंने अपनी ओजपूर्ण एवं सहज शैली से पूरे आयोजन को जीवंत बनाए रखा। समारोह में समाजसेवी एवं पीएल लता खरे, अधिवक्ता पूनम रैदास, सपना (भूमि) रैदास, कृति रैदास सहित अनेक सम्मानित अतिथियों, साहित्यकारों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मातृशक्तियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

समारोह के दौरान सभी सम्मानित मातृशक्तियों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान सामग्री भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन में दूर-दराज से आए साहित्यकारों, अधिवक्ताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सहभागिता निभाई। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम को महिला सशक्तिकरण, साहित्यिक चेतना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाला प्रेरणादायी आयोजन बताया।

कार्यक्रम के अंत में ऊषा नौगरिया द्वारा सभी अतिथियों, साहित्यकारों, अधिवक्ताओं, मातृशक्तियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों एवं बच्चों को स्वल्पाहार वितरित किया गया। पूरे आयोजन में आत्मीयता, साहित्यिक गरिमा और मातृत्व के सम्मान का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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