15 सूत्रीय मांगों को लेकर डाक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध कर जताया विरोध, किया नियमित ड्यूटी प्रदर्शन।
बेसिक वेतन में डीए जोड़ने, बीमा सुरक्षा, अतिरिक्त कार्यदिवस का वेतन देने समेत कई मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध।
जबलपुर,ग्रामीण खबर mp:
डाक कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को जबलपुर सहित पूरे संभाग के डाकघरों में कर्मचारियों ने बांह में काली पट्टी बांधकर अपनी ड्यूटी करते हुए सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। स्थानीय मुख्य डाकघर परिसर में कार्यरत सभी कर्मचारियों ने नियमित कामकाज करते हुए प्रदर्शन किया और अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर रोष व्यक्त किया।
इस विरोध प्रदर्शन की विशेष बात यह रही कि किसी प्रकार की नारेबाजी या कार्य बहिष्कार नहीं किया गया, बल्कि कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यों का निर्वहन करते हुए काली पट्टी बांधकर शासन को संदेश देने का प्रयास कर रहे थे कि अब सहनशक्ति की सीमा पार हो चुकी है और वे अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं।
डाक कर्मचारी महासंघ द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में कर्मचारियों पर थोपे जा रहे अनावश्यक टारगेट्स को समाप्त करने, बेसिक वेतन के साथ 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जोड़ने, प्रत्येक वर्ष के 52 शनिवारों को कार्य करने के बदले अतिरिक्त वेतन देने, ग्रामीण डाक सेवकों को अन्य विभागीय कार्यों में न लगाए जाने, ग्रामीण डाक सेवकों को 5 लाख रुपये का बीमा और सभी नियमित डाक कर्मचारियों के लिए 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा देने की मांग शामिल है।
इसके अतिरिक्त संघ ने यह भी मांग की है कि डाक कर्मचारियों को तकनीकी संसाधनों और प्रशिक्षण की बेहतर सुविधा दी जाए ताकि वे बदलते दौर की चुनौतियों का सामना कुशलता से कर सकें। साथ ही, ग्रामीण अंचलों में कार्यरत डाक सेवकों के लिए विशेष यात्रा भत्ता और जोखिम भत्ता लागू करने की भी आवश्यकता जताई गई है।
डाक कर्मचारियों का कहना है कि विभाग द्वारा लगातार बढ़ते हुए टारगेट्स, ऑनलाइन सेवाओं का अतिरिक्त दबाव और संसाधनों की कमी से काम करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। इसके बावजूद डाक कर्मी पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता तक सेवाएं पहुंचा रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर उनकी स्थिति को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
इस प्रदर्शन में संभागीय सचिव अनिल सिंह बागरी, प्रांतीय अध्यक्ष सज्जन चढ़ार के नेतृत्व में नवीन, अनुपम, कमलेश, गोपाल, प्रभाषंकर, संतोष, अनुराधा, प्रदीप, दिनेश, राजकुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एकमत होकर यह मांग की कि सरकार डाक कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय ले ताकि वे तनावमुक्त होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
डाक कर्मचारी महासंघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि शासन द्वारा मांगों की अनदेखी की जाती है, तो आगामी दिनों में चरणबद्ध रूप से आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आने वाले समय में प्रदेश भर में प्रदर्शन, धरना और संभावित हड़ताल की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।
डाक सेवकों के इस शांतिपूर्ण विरोध ने यह साबित कर दिया है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से उठा सकते हैं। यह प्रदर्शन सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि समय रहते समस्याओं का समाधान करना ही हितकारी होगा।
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