रीठी अध्ययन केन्द्र में गांधी जयंती का आयोजन।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वृद्धजनों का सम्मान,सत्य-अहिंसा और स्वच्छता के संदेश के साथ दिलाई गई स्वच्छता की शपथ।
रीठी। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के रीठी अध्ययन केन्द्र में संचालित बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम की तृतीय वर्ष की कक्षा का आयोजन शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय रीठी स्थित अध्ययन केन्द्र में निर्धारित समयसारिणी के अनुसार किया गया। कक्षा संचालन के उपरांत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर अध्ययन केन्द्र में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया। इसी क्रम में “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत क्षेत्र के वृद्धजनों के सम्मान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त वरिष्ठ शिक्षक रामनारायण राय उपस्थित रहे। विकासखंड समन्वयक जगह सिंह मसराम द्वारा शॉल, श्रीफल एवं पुष्पमाला भेंट कर उनका सम्मान किया गया। इस दौरान उनके दीर्घ शैक्षणिक अनुभव, सामाजिक योगदान एवं सेवाभाव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परामर्शदाता अरुण तिवारी ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सेवा और सामाजिक समरसता से जुड़े विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रति संवेदनशीलता, सेवा और मानवीय दृष्टिकोण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों की पहचान है तथा नई पीढ़ी को अपने बुजुर्गों के अनुभवों से सीख लेते हुए उनके प्रति सम्मान एवं सहयोग की भावना रखनी चाहिए।
विकासखंड समन्वयक जगह सिंह मसराम ने अपने उद्बोधन में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के सिद्धांतों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि गांधीजी के विचार आज भी समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने में सक्षम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं युवाओं से गांधीजी के आदर्शों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए उन्हें अपने दैनिक जीवन और व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्वच्छता को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ-साथ सामाजिक दायित्व बनाने पर भी जोर दिया।
परामर्शदाता शरद यादव ने वृद्धजनों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके जीवन के अनुभव, संघर्ष और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों की सेवा और सम्मान केवल किसी अभियान तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में तृतीय वर्ष के छात्र गनपत कोल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन केवल सरकारी योजनाओं के माध्यम से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक सहभागिता और सेवा भावना आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों से जरूरतमंदों और वृद्धजनों की सहायता करने, उनके सम्मान को प्राथमिकता देने तथा समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता की भावना विकसित करने का संकल्प लेने की अपील की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों को स्वच्छता बनाए रखने तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं स्वस्थ रखने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान गांधीजी के स्वच्छता और सेवा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा अपने व्यवहार में अपनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान परामर्शदाता अमर बहादुर यादव, साक्षी नामदेव, महेश बर्मन, निर्मिला श्रीवास्तव, लक्ष्मी बर्मन, राघवेंद्र यादव, नीरज श्रीवास्तव, रामचरण रैदास, मीनू प्रधान, सपना सिंह सहित बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन परामर्शदाता शरद यादव ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन परामर्शदाता अरुण तिवारी द्वारा किया गया।
गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में सेवा, स्वच्छता, सामाजिक समरसता एवं वृद्धजनों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से महात्मा गांधी के विचारों को वर्तमान पीढ़ी के जीवन से जोड़ने तथा समाज में संवेदनशीलता और सेवा भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।


