हर किसी ने कहा—CMO हो तो बरही जैसा!एक माह का पूरा वेतन दशहरा उत्सव समिति को देंगे दीपक बबेले।
दशहरा उत्सव समिति बरही का गठन,CMO की पहल से सभागार गूंजा तालियों से,पार्षदों ने भी एक माह का मानदेय देने पर जताई सहमति।
बरही/कटनी। दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता, जनभागीदारी और सामूहिक सहयोग की भावना को मजबूत करने वाला उत्सव भी है। इसी भावना को साकार करते हुए बरही में इस वर्ष दशहरा उत्सव को भव्य और यादगार बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को नगर परिषद बरही के सभागार में नगर परिषद अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दशहरा उत्सव समिति बरही का गठन किया गया। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान समाजसेवी अशोक वर्मा को सर्वसम्मति से दशहरा उत्सव समिति का अध्यक्ष चुना गया। वहीं अजीत गुप्ता एवं अभिषेक द्विवेदी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजेन्द्र सोनी (बग्घा) कोषाध्यक्ष तथा रघुनाथ गुप्ता को सह-कोषाध्यक्ष बनाए गए। रामकृष्ण पटेल और रजनीश नामदेव को सचिव की जिम्मेदारी दी गई। समिति के प्रचार-प्रसार और मीडिया संबंधी कार्यों के लिए पत्रकार आनंद सराफ, अजय वर्मा, कृष्ण कुमार मिश्रा एवं संदीप स्वर्णकार को मीडिया प्रभारी बनाया गया।
बैठक में उस समय माहौल विशेष रूप से उत्साहपूर्ण हो गया, जब नगर परिषद बरही के युवा मुख्य कार्यपालन अधिकारी दीपक बबेले ने दशहरा उत्सव को लेकर अपनी ओर से महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे अपना एक माह का पूरा वेतन दशहरा उत्सव आयोजन समिति को सहयोग स्वरूप देंगे। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए नगर परिषद की ओर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया।
CMO दीपक बबेले की इस घोषणा के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बैठक में मौजूद लोगों ने उनकी पहल की सराहना करते हुए उत्साह के साथ उनका अभिनंदन किया। लोगों का कहना था कि किसी अधिकारी द्वारा स्वयं आगे बढ़कर सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में आर्थिक सहयोग देना जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है।
CMO की इस पहल को केवल आर्थिक सहयोग के रूप में नहीं देखा गया, बल्कि इसे प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ सामाजिक सहभागिता का उदाहरण भी बताया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि जब किसी जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति स्वयं आगे बढ़कर सहयोग की पहल करता है तो समाज के अन्य लोग भी उससे प्रेरणा लेते हैं और सामूहिक आयोजनों में अपनी भागीदारी बढ़ाते हैं।
CMO दीपक बबेले की इस पहल के लिए दशहरा उत्सव समिति की ओर से उनका आभार व्यक्त किया गया। वहीं विजयनाथ मंदिर समिति की ओर से उन्हें प्रसादी चित्रपट भेंट कर सम्मानित भी किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने उनकी पहल की सराहना करते हुए इसे बरही के सामाजिक वातावरण के लिए सकारात्मक संदेश बताया।
CMO की घोषणा का असर बैठक में मौजूद नगर परिषद के पार्षदों पर भी देखने को मिला। परिषद के सभी पार्षदों ने भी अपना एक माह का मानदेय दशहरा उत्सव के आयोजन के लिए देने पर सहमति जताई। पार्षदों की इस सामूहिक सहमति से आयोजन को लेकर समिति और नगरवासियों में उत्साह और बढ़ गया।
पार्षदों द्वारा मानदेय देने की सहमति को जनप्रतिनिधियों की सामाजिक जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यह संदेश भी सामने आया कि प्रशासन, जनप्रतिनिधि और नागरिक यदि एकजुट होकर किसी आयोजन को सफल बनाने का प्रयास करें तो बड़े स्तर पर बेहतर आयोजन किया जा सकता है।
बैठक में इस वर्ष बरही के दशहरा उत्सव को भव्य स्वरूप देने पर भी चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि विजयनाथधाम मेला प्रांगण में मुख्य दशहरा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। रावण दहन से पहले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला और संस्कृति प्रस्तुत करने का अवसर मिलने की संभावना है। रावण दहन के बाद भव्य भजन संध्या का आयोजन भी प्रस्तावित किया गया है।
आयोजन समिति की ओर से दशहरा उत्सव को व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जाएंगी। कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं के साथ-साथ श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर भी संबंधित स्तर पर समन्वय किया जाएगा।
बरही में दशहरा उत्सव की तैयारियों के बीच CMO दीपक बबेले की ओर से की गई एक माह का पूरा वेतन देने की घोषणा ने आयोजन को लेकर लोगों के उत्साह को और बढ़ा दिया है। वहीं पार्षदों द्वारा भी एक माह का मानदेय देने की सहमति से यह आयोजन सामूहिक सहयोग की मिसाल बनता नजर आ रहा है।
बैठक के दौरान सामने आई इस पहल ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता का सकारात्मक संदेश दिया। लोगों का कहना है कि दशहरा जैसे बड़े सामाजिक पर्व को केवल औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाले उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए।
इस बार बरही में दशहरा उत्सव को लेकर जिस तरह से समिति का गठन कर जिम्मेदारियां तय की गई हैं और अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक सहयोग के लिए आगे आए हैं, उससे आयोजन के भव्य होने की उम्मीद बढ़ गई है। CMO दीपक बबेले की पहल ने बैठक में मौजूद लोगों के बीच खास प्रभाव छोड़ा और यही वजह रही कि बैठक समाप्त होने तक बरही में एक ही चर्चा सुनाई देती रही—CMO हो तो बरही जैसा।


