सिलौंडी में श्री गणेश उत्सव की धूम,सुबह-शाम गूंज रही गणपति आरती।
गांव-गांव में स्थापित हुईं गणेश प्रतिमाएं,भजन-कीर्तन और आरती में उमड़ रही श्रद्धा,महिलाओं की भजन मंडलियां बना रहीं भक्तिमय माहौल।
सिलौंडी। सिलौंडी क्षेत्र में इन दिनों श्री गणेश उत्सव की धूम देखने को मिल रही है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर सिलौंडी सहित आसपास के गांवों में सार्वजनिक स्थानों, मंदिर परिसरों और अनेक घरों में भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। गणपति प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया है और सुबह से लेकर देर शाम तक पूजा-अर्चना, आरती तथा भजन-कीर्तन का दौर जारी है।
सार्वजनिक गणेश पंडालों के साथ-साथ घरों में भी श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। सुबह और शाम आयोजित होने वाली आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भगवान गणेश की आराधना कर रहे हैं। आरती के दौरान गूंजते जयकारों से पूरा वातावरण गणेशमय नजर आ रहा है।
गणेश उत्सव के दौरान दोपहर के समय भी धार्मिक गतिविधियां जारी रहती हैं। मंदिरों और सार्वजनिक गणेश पंडालों में महिलाएं एकत्रित होकर भगवान श्री गणेश के भक्ति गीतों और मनमोहक भजनों का गायन कर रही हैं। भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्तिभाव में लीन नजर आते हैं। कई स्थानों पर बच्चों और युवाओं में भी गणेश उत्सव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
सिलौंडी के साथ ही नेगाई, लालपुर, अतरसुमा, खमरिया बागरी, पाली, कचनारी सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भी श्री गणेश उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। गांवों में गणेश प्रतिमाओं के लिए आकर्षक पंडाल तैयार किए गए हैं, जहां प्रतिदिन पूजा-अर्चना और आरती के आयोजन हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि श्री गणेश उत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का भी अवसर है। उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एक साथ एकत्रित होकर पूजा-अर्चना में शामिल हो रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्ग के लोग उत्साहपूर्वक धार्मिक आयोजनों में भाग ले रहे हैं।
गणेश उत्सव के चलते सिलौंडी और आसपास के गांवों में इन दिनों उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। शाम के समय गणेश पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। आरती और भजनों के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। आगामी दिनों में भी विभिन्न गणेश पंडालों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी की जा रही है।


