लंबित आवेदनों के निराकरण में समय-सीमा और गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान,कलेक्टर अंशुल गुप्ता।
सेवा संकल्प एवं मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की गतिविधियों में किसी भी स्तर पर चूक न हो,अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश।
विदिशा। कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने जिले में लंबित आवेदनों के निराकरण सहित विभिन्न विभागों द्वारा संचालित अभियानों, योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन और प्रकरण का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल प्रकरणों की संख्या कम करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आवेदनों का संतोषजनक और नियमानुसार निराकरण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने सेवा संकल्प अभियान एवं मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित दिवसों एवं तिथियों के अनुसार अभियान की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और अभियान के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या चूक न हो। उन्होंने निर्धारित अवधि में संबंधित प्रकरणों और कार्यों को पूरा करने के साथ अभियान की गतिविधियों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
बैठक में नल-जल योजनाओं के ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के हस्तांतरण से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को योजना के संचालन, रखरखाव और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को योजना से संबंधित जिम्मेदारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी पहले से होने पर हस्तांतरण के बाद नल-जल योजनाओं का सुचारू संचालन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
वन विस्थापन से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि संबंधित मामलों में धारा-6 का प्रकाशन हो चुका है। उन्होंने संबंधित एसडीएम को अपने स्तर पर बैठकें आयोजित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां वन विभाग के डीएफओ भी बैठकों में उपस्थित होकर संबंधित प्रकरणों के निराकरण में समन्वय स्थापित करें, ताकि लंबित मामलों को अनावश्यक रूप से आगे न बढ़ाया जाए।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पौधरोपण गतिविधियों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आवश्यकता के अनुसार वन विभाग की नर्सरियों से पौधे क्रय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के लिए आवश्यक पौधों की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए, ताकि अभियान की निर्धारित गतिविधियां प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकें।
अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों से संबंधित मामलों में आवश्यक प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी की जाए और ऐसे प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जल उपलब्धता की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सूख चुके हैंडपंपों के जलस्रोतों के पुनर्भरण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर हैंडपंपों के जलस्रोत सूख चुके हैं, वहां आवश्यकता का स्थानीय स्तर पर आकलन कर मनरेगा के माध्यम से रिचार्ज संबंधी कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएं। इसका उद्देश्य जलस्रोतों के पुनर्भरण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता को बेहतर बनाए रखना है।
बैठक में विभागीय गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागों की फेसबुक आईडी पर योजनाओं, उपलब्धियों, गतिविधियों और महत्वपूर्ण जानकारियों को नियमित रूप से अपडेट करते हुए अपलोड किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और विभागीय सेवाओं की जानकारी आमजन तक सरलता से पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यम प्रभावी हैं, इसलिए विभागीय स्तर पर सूचना का नियमित और व्यवस्थित प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने बैठक में सभी अधिकारियों से कहा कि लंबित प्रकरणों के निराकरण, शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभिन्न अभियानों की गतिविधियों में निर्धारित समय-सीमा और गुणवत्ता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने तथा आमजन से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

