आंदोलन का असर: प्रशासन ने मानीं कई प्रमुख मांगें,कार्रवाई का दिया भरोसा।
विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के ज्ञापन के बाद एसडीओपी,पोंडा पटवारी और सुमित दुबे प्रकरण समेत कई मुद्दों पर बनी सहमति।
सिहोरा। क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल, जिला सिहोरा द्वारा किए गए आंदोलन एवं सौंपे गए ज्ञापन के बाद प्रशासन की ओर से कई मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया है। संगठन द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों पर प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है। प्रशासन के आश्वासन के बाद आंदोलन को लेकर फिलहाल स्थिति शांत हुई है, हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और जनहित से जुड़े कई विषयों को प्रमुखता से उठाया गया था। इनमें एसडीओपी को हटाने, पोंडा पटवारी के विरुद्ध कार्रवाई, सुमित दुबे प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने, डीजे एवं साउंड व्यवस्था को लेकर निर्धारित नियमों का पालन कराने, धार्मिक आयोजनों एवं गरबा पंडालों में आपत्तिजनक गानों पर रोक लगाने तथा गोसलपुर क्षेत्र से संबंधित शिकायतों की जांच सहित अन्य स्थानीय समस्याएं शामिल थीं।
संगठन की ओर से उठाई गई मांगों पर प्रशासन ने चर्चा के बाद कई बिंदुओं पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से एसडीओपी को आगामी पांच दिवस के बाद हटाने की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। इसी प्रकार पोंडा पटवारी के संबंध में भी हटाने की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। सुमित दुबे प्रकरण में भी नियमानुसार एफआईआर दर्ज किए जाने की बात प्रशासन की ओर से कही गई।
धार्मिक आयोजनों को लेकर भी प्रशासन ने निर्धारित नियमों एवं व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया है। डीजे एवं साउंड व्यवस्था में शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन कराने के साथ ही गरबा पंडालों में अश्लील एवं आपत्तिजनक गानों के उपयोग पर रोक लगाने की बात कही गई है। इससे धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गोसलपुर क्षेत्र से संबंधित शिकायतों को लेकर भी प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है। इसके लिए समिति गठित कर शिकायतों की जांच एवं तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। संगठन द्वारा ज्ञापन में उठाए गए अन्य स्थानीय एवं जनहित के विषयों पर भी संबंधित विभागों के माध्यम से निराकरण की दिशा में कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया है।
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों का कहना है कि संगठन द्वारा उठाए गए मुद्दे किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं उठाए गए हैं, बल्कि क्षेत्र की व्यवस्थाओं, कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े विषयों को प्रशासन के समक्ष रखा गया है। संगठन ने प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि तय समय सीमा के भीतर संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पदाधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के बाद संगठन फिलहाल कार्रवाई की प्रतीक्षा करेगा। यदि निर्धारित समय में मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है अथवा आश्वासन के अनुरूप कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो संगठन द्वारा आगे की रणनीति तय कर पुनः आंदोलन या अन्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी।
ज्ञापन एवं आंदोलन के दौरान विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। आंदोलन के बाद प्रशासन द्वारा विभिन्न मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने को संगठन की ओर से उठाए गए मुद्दों पर महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों पर होने वाली वास्तविक कार्रवाई और उसकी समय सीमा पर टिकी हैं।


