रीवा में कल्पना मिश्रा मामले पर सियासत तेज,धरना देने पहुंचे कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को पुलिस ने लिया हिरासत में।

 रीवा में कल्पना मिश्रा मामले पर सियासत तेज,धरना देने पहुंचे कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को पुलिस ने लिया हिरासत में।

पिता को धरना स्थल से हटाकर अस्पताल भेजे जाने के विरोध में सिरमौर चौराहे पहुंचे थे विधायक,कार्रवाई के बाद आंदोलन और राजनीतिक विरोध हुआ तेज।

रीवा। संजय गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। न्याय की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच गुरुवार 17 सितंबर को रीवा में उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ गई, जब सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा सिरमौर चौराहे पर पहुंचे। वे कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा को धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने का विरोध करने पहुंचे थे। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में विधायक ने धरने का समर्थन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें मौके से हटाकर हिरासत में ले लिया। कई मीडिया रिपोर्टों में इस कार्रवाई को विधायक की गिरफ्तारी बताया गया है।

जानकारी के अनुसार कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की 26 अगस्त को गांधी मेमोरियल अस्पताल में मौत हुई थी। घटना के बाद परिजनों ने उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई तथा एफआईआर की मांग शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच प्रक्रिया के दौरान परिजनों की ओर से लगातार दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई की मांग की जा रही है।

दोषियों पर एफआईआर की मांग को लेकर अनशन

कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने बेटी और नवजात को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 2 सितंबर से सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन शुरू किया था। करीब 15 दिनों तक चले अनशन के दौरान उनकी तबीयत लगातार खराब होने की बात सामने आई। बुधवार को प्रशासन और पुलिस की टीम उन्हें धरना स्थल से हटाकर जिला अस्पताल ले गई, जहां उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में भर्ती कराया गया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार उन्हें आईसीयू में रखा गया और चिकित्सकों द्वारा उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी की गई।

धरना स्थल से हटाए जाने के बाद बढ़ा विरोध

रामशिरोमणि मिश्रा को धरना स्थल से हटाए जाने और वहां लगाया गया तंबू हटाए जाने के बाद आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ गई। प्रशासन की ओर से बताया गया कि सिरमौर चौराहा व्यस्त क्षेत्र है और वहां बिना अनुमति पंडाल लगाया गया था। प्रशासन ने अनशनकारी की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही है। दूसरी ओर आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि वे कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पिता के समर्थन में धरना देने पहुंचे विधायक

पिता को धरना स्थल से हटाए जाने की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा गुरुवार दोपहर अपने समर्थकों के साथ सिरमौर चौराहे पहुंचे। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया और वहीं बैठकर आंदोलन का समर्थन किया। रिपोर्टों के अनुसार मौके पर पहले से पुलिस बल तैनात था। विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत और बहस के बाद पुलिस ने विधायक को वहां से हटाकर हिरासत में ले लिया। कुछ रिपोर्टों में पुलिस द्वारा उन्हें जबरन हटाकर ले जाने की बात भी कही गई है।

सभा और प्रदर्शन की अनुमति नहीं

प्रशासन की ओर से सिरमौर चौराहे पर बिना अनुमति किसी प्रकार की सभा या प्रदर्शन नहीं करने की बात कही गई थी। प्रशासनिक पक्ष के अनुसार यातायात और कानून-व्यवस्था को देखते हुए वहां भीड़ एकत्र होने की अनुमति नहीं थी। इसी बीच विधायक के पहुंचने से स्थिति और संवेदनशील हो गई। पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया और हिरासत में लेकर कंट्रोल रूम ले जाने की जानकारी सामने आई है।

18 सितंबर को रीवा बंद के आह्वान की चर्चा

रामशिरोमणि मिश्रा को धरना स्थल से हटाकर अस्पताल भेजे जाने के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों और समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। विभिन्न रिपोर्टों में 18 सितंबर को रीवा बंद के आह्वान का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि बंद का असर कितना रहेगा और किन संगठनों की ओर से औपचारिक रूप से इसका आह्वान किया गया है, इसकी स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि अलग से सामने नहीं आई है। इसलिए इसे आंदोलनकारियों के आह्वान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

मामले में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और कथित चिकित्सकीय लापरवाही को लेकर सवाल उठे थे। रिपोर्टों के अनुसार दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया है तथा अस्पताल के डीन और अधीक्षक स्तर पर भी बदलाव किए गए। साथ ही मामले की मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

उप मुख्यमंत्री के दौरे के बीच बढ़ी सुरक्षा

इसी बीच 17 सितंबर को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के रीवा दौरे को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई थी। आंदोलनकारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन की आशंका के बीच सिरमौर चौराहे पर पुलिस बल तैनात रहा। ऐसे माहौल में विधायक अभय मिश्रा के धरना स्थल पर पहुंचने और पुलिस कार्रवाई के बाद रीवा में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।

फिलहाल कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच जारी है। परिजन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर और कार्रवाई की मांग पर कायम हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि जांच प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विधायक अभय मिश्रा को हिरासत में लिए जाने के बाद अब इस मामले में राजनीतिक विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई दोनों पर निगाहें टिकी हुई हैं।

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