तहसील भवन बदहाल,फिर भी मरम्मत की फाइल सुस्त क्यों है?
महिला पटवारियों-कर्मचारियों के लिए बाथरूम तक की समुचित सुविधा नहीं,कुछ दिन पहले कलेक्टर ने दिए थे एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश।
उमरिया पान। तहसील कार्यालय उमरिया पान का भवन लंबे समय से मरम्मत और समुचित रखरखाव की प्रतीक्षा कर रहा है। प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण इस कार्यालय में जहां प्रतिदिन अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण और आम नागरिक भी राजस्व संबंधी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद भवन की व्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं को लेकर स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नजर नहीं आती। भवन के नियमित मेंटेनेंस की आवश्यकता कई स्थानों पर स्पष्ट दिखाई देती है।
हालांकि इस समस्या को लेकर राहत की बात यह है कि कुछ दिन पूर्व उमरिया पान के दौरे पर पहुंचे कलेक्टर आशीष तिवारी ने तहसील कार्यालय भवन के मेंटेनेंस को लेकर एसडीएम को एस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश के बाद उम्मीद जगी थी कि भवन की समस्याओं को दूर करने की दिशा में तेजी से कार्रवाई होगी, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर लोगों की नजर इस बात पर है कि एस्टीमेट तैयार करने और आगे की स्वीकृति प्रक्रिया कब तक पूरी होती है।
महिला कर्मचारियों के लिए बाथरूम की समुचित व्यवस्था का अभाव
तहसील कार्यालय में सबसे गंभीर और आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं में महिला पटवारियों एवं महिला कर्मचारियों के लिए बाथरूम की समुचित व्यवस्था का अभाव सामने आ रहा है। कार्यालय परिसर में पूर्व में बनाया गया बाथरूम भी वर्तमान में उपयोग की दृष्टि से बेहद खराब और खंडहरनुमा स्थिति में पहुंच चुका है। ऐसे में कार्यालय में कार्यरत महिला कर्मचारियों को दैनिक कार्य के दौरान आवश्यक सुविधा के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक कार्यालय में महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और उपयोग योग्य बाथरूम जैसी मूलभूत सुविधा होना आवश्यक है। इसके अलावा तहसील कार्यालय में आने वाली महिला आवेदकों और ग्रामीण महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भी इस व्यवस्था को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है।
पूरे भवन के तकनीकी निरीक्षण की आवश्यकता
तहसील कार्यालय भवन की स्थिति को देखते हुए केवल किसी एक हिस्से की मरम्मत के बजाय पूरे भवन का तकनीकी निरीक्षण कराया जाना आवश्यक है। छत, दीवारों, फर्श, खिड़की-दरवाजों, विद्युत व्यवस्था, जल निकासी, बाथरूम सहित भवन के अन्य हिस्सों की स्थिति का परीक्षण कराकर जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल सुधार कार्य कराया जाना चाहिए।
बारिश के मौसम में पुराने और रखरखाव की कमी वाले भवनों में सीलन, पानी रिसाव तथा अन्य समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में भविष्य में किसी बड़ी समस्या का इंतजार करने के बजाय समय रहते भवन का व्यापक मेंटेनेंस कराया जाना जरूरी है।
कलेक्टर के निर्देश के बाद कार्रवाई का इंतजार
कुछ दिन पूर्व उमरिया पान दौरे के दौरान कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा तहसील कार्यालय भवन के मेंटेनेंस के लिए एसडीएम को एस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए गए थे। इस निर्देश के बाद अब संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि भवन का निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्यों का आकलन जल्द पूरा कराया जाए और एस्टीमेट तैयार कर स्वीकृति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील कार्यालय उमरिया पान क्षेत्र का महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र है। यहां राजस्व संबंधी कार्यों के लिए दूर-दराज के गांवों से भी ग्रामीण पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालय भवन की स्थिति बेहतर होना न केवल कर्मचारियों बल्कि आम नागरिकों की सुविधा और प्रशासनिक कार्यों की सुचारु व्यवस्था के लिए भी आवश्यक है।
फाइल की रफ्तार पर उठ रहे सवाल
कलेक्टर स्तर से निर्देश दिए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि एस्टीमेट तैयार करने और मरम्मत कार्य की प्रक्रिया में कितना समय लगेगा। यदि निर्देश के बावजूद प्रक्रिया लंबी खिंचती है तो भवन की मौजूदा समस्याएं और अधिक गंभीर हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि संबंधित अधिकारी मामले को प्राथमिकता में लेते हुए आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करें।
जनहित के साथ कर्मचारियों की सुविधा भी जरूरी
तहसील कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी भवन में कर्मचारियों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता प्रशासनिक कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा है। विशेष रूप से महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित एवं उपयोग योग्य बाथरूम की व्यवस्था तत्काल कराई जाना जरूरी है। इसके साथ ही पूरे भवन का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं रखरखाव के कार्यों को एक समग्र योजना के तहत कराया जाना चाहिए।
अब स्थानीय नागरिकों और तहसील कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को उम्मीद है कि कलेक्टर के निर्देश केवल एस्टीमेट तैयार करने तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देंगे। यदि समयबद्ध तरीके से एस्टीमेट तैयार कर स्वीकृति और निर्माण संबंधी प्रक्रिया पूरी की जाती है तो उमरिया पान तहसील कार्यालय की लंबे समय से चली आ रही भवन संबंधी समस्याओं का समाधान संभव है।


