करहिया में 63 केवी ट्रांसफार्मर लगने से ग्रामीणों को मिली राहत।
दो माह से खराब 25 केवी ट्रांसफार्मर के कारण गांव में पसरा था अंधेरा,विधायक प्रणय पांडेय के प्रयास से दूर हुई बिजली समस्या।
रीठी। रीठी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत करहिया-01 के पटेल मोहल्ले में लंबे समय से चली आ रही विद्युत समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। विभाग द्वारा पूर्व में 63 केवी की आवश्यकता वाले स्थान पर 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगाए जाने के कारण क्षेत्र में बिजली की समस्या बनी हुई थी। अधिक लोड के चलते यह ट्रांसफार्मर करीब दो माह पूर्व खराब हो गया था, जिसके बाद पटेल मोहल्ले सहित आसपास के ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण गांव में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। शाम होते ही मोहल्ले में अंधेरा छा जाता था। बिजली की समस्या का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा था। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी होती थी। वहीं घरेलू कामकाज सहित अन्य दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं। ग्रामीण लगातार विद्युत समस्या के समाधान की मांग कर रहे थे।
ग्रामीणों की समस्या की जानकारी क्षेत्रीय विधायक प्रणय पांडेय तक पहुंची, जिसके बाद विधायक श्री पाण्डेय द्वारा समस्या के निराकरण के लिए प्रयास किए गए। विधायक प्रणय पाण्डेय के प्रयासों के बाद विद्युत विभाग द्वारा मौके की आवश्यकता को देखते हुए 25 केवी के स्थान पर अब 63 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है।
नया 63 केवी ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद ग्रामीणों को बिजली समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से विद्युत व्यवस्था पहले की अपेक्षा बेहतर होगी और बार-बार ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या पर भी अंकुश लग सकेगा।
ट्रांसफार्मर स्थापित होने के बाद करहिया ग्रामवासियों ने क्षेत्रीय विधायक प्रणय पांडेय के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्या को विधायक श्री पाण्डेय के प्रयासों से दूर किया गया है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के निराकरण के लिए इसी तरह पहल की जाती रहेगी।
करहिया के पटेल मोहल्ले में 63 केवी ट्रांसफार्मर स्थापित होने से ग्रामीणों में राहत और संतोष का माहौल है। विशेष रूप से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या दूर होने से अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है।


