ऑपरेशन मुस्कान के तहत ढीमरखेड़ा पुलिस की बड़ी सफलता,अहमदाबाद से दस्तयाब हुई 17 वर्षीय गुमशुदा बालिका।
12 अप्रैल को घर से बिना बताए हुई थी लापता,पुलिस ने संभावित ठिकानों पर तलाश के बाद गुजरात से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा।
ढीमरखेड़ा। नाबालिग बालक-बालिकाओं एवं महिलाओं की गुमशुदगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत थाना ढीमरखेड़ा पुलिस को एक 17 वर्षीय गुमशुदा बालिका को सकुशल दस्तयाब करने में सफलता मिली है। पुलिस ने बालिका को गुजरात के अहमदाबाद से दस्तयाब कर आवश्यक न्यायालीन प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा (भा.पु.से.) द्वारा नाबालिग बालक-बालिकाओं एवं महिलाओं की गुमशुदगी की सूचना प्राप्त होने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनकी दस्तयाबी के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी ढीमरखेड़ा निरीक्षक महिमा रघुवंशी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए गए।
जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल 2026 को एक प्रार्थी ने थाना ढीमरखेड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों द्वारा आसपास के क्षेत्रों एवं रिश्तेदारियों में तलाश करने के बावजूद बालिका का पता नहीं चल सका। मामले में थाना ढीमरखेड़ा में अपराध क्रमांक 215/26 धारा 132(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने बालिका की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर लगातार जानकारी जुटाई और विभिन्न माध्यमों से खोजबीन की। इसी दौरान पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से बालिका के गुजरात के अहमदाबाद में होने की जानकारी प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 24 सितंबर 2026 को अहमदाबाद, गुजरात से बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया।
पुलिस द्वारा बालिका से पूछताछ की गई, जिसमें उसके द्वारा किसी अप्रिय घटना के घटित होने की जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद नियमानुसार न्यायालीन कथन कराए गए तथा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बालिका की दस्तयाबी में थाना प्रभारी ढीमरखेड़ा निरीक्षक महिमा रघुवंशी, सहायक उप निरीक्षक अनिल तिवारी, आरक्षक कमोद कोल एवं साइबर सेल कटनी के आरक्षक सत्येंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई से गुमशुदा बालिका को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने में सफलता मिली।


