कटनी में आउटसोर्स कर्मचारियों ने श्रम मंत्री के नाम सौंपा 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन।

 कटनी में आउटसोर्स कर्मचारियों ने श्रम मंत्री के नाम सौंपा 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन।

न्यूनतम वेतन,ईपीएफ-ईएसआईसी,बोनस और समय पर मानदेय भुगतान सहित विभिन्न मांगों को लेकर उठाई आवाज।

कटनी। जिले के विभिन्न शासकीय विभागों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कर्मचारी संगठन ने आवाज उठाई है। संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी के नेतृत्व में आउटसोर्स कर्मचारियों ने श्रम मंत्री के नाम 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर उनकी समस्याओं के निराकरण की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन, ईपीएफ, ईएसआईसी, बोनस, समय पर मानदेय भुगतान सहित श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले विभिन्न वैधानिक लाभ उपलब्ध कराने की मांग रखी है।

कर्मचारियों का कहना है कि जिले के विभिन्न शासकीय विभागों में बड़ी संख्या में आउटसोर्स एवं ठेका श्रमिक लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विभागों में सौंपे गए कार्यों एवं जिम्मेदारियों का वे लगातार निर्वहन कर रहे हैं। कर्मचारियों के अनुसार वे अपने कार्यों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से समय पर मानदेय का भुगतान नहीं होने तथा श्रम कानूनों के अंतर्गत मिलने वाले वैधानिक लाभों में परेशानी की बात कर्मचारियों ने ज्ञापन में उठाई है।

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग आउटसोर्स एवं ठेका श्रमिकों को श्रम कानूनों के प्रावधानों के अनुरूप न्यूनतम वेतन उपलब्ध कराने की रखी गई है। कर्मचारियों ने कहा कि उनसे नियमित रूप से कार्य लिया जाता है, इसलिए उनके पारिश्रमिक एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में शासन और संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। कर्मचारियों ने मांग की है कि निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही उन्हें नियमानुसार अन्य वैधानिक सुविधाओं का लाभ भी दिया जाए।

इसके अलावा कर्मचारियों ने ईपीएफ और ईएसआईसी की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। ज्ञापन में बोनस सहित अन्य वैधानिक लाभों को भी नियमानुसार उपलब्ध कराने की बात कही गई है। कर्मचारियों का कहना है कि श्रम कानूनों के तहत जिन सुविधाओं एवं अधिकारों का प्रावधान है, उनका लाभ पात्र कर्मचारियों को समय पर मिलना चाहिए, ताकि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हो सके।

समय पर मानदेय भुगतान का मुद्दा भी कर्मचारियों ने प्रमुखता से उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार उन्हें निर्धारित समय-सीमा में मानदेय नहीं मिल पाता, जिसके कारण उन्हें घरेलू खर्च और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों ने मांग की कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया को व्यवस्थित करते हुए निश्चित समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों से जुड़ी अन्य समस्याओं के निराकरण की भी मांग की गई है। संघ का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को केवल अस्थायी कार्यबल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उनके द्वारा लंबे समय से किए जा रहे कार्य और विभागीय जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए उनके हितों से संबंधित समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

संघ के पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि जिले के अनेक आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से विभिन्न शासकीय विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों द्वारा विभागीय कार्यों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से किया जा रहा है। इसके बावजूद वेतन भुगतान में देरी तथा श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले लाभों को लेकर कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जाना आवश्यक है।

कर्मचारी संघ ने शासन एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि आउटसोर्स एवं ठेका श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ज्ञापन में उल्लेखित 12 सूत्रीय मांगों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। संघ ने उम्मीद जताई कि श्रम विभाग कर्मचारियों की समस्याओं को शासन स्तर तक पहुंचाकर उनके निराकरण की दिशा में प्रभावी पहल करेगा।

कर्मचारियों ने यह भी मांग रखी कि आउटसोर्स व्यवस्था के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों के वेतन एवं अन्य वैधानिक सुविधाओं की नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित न होना पड़े। साथ ही संबंधित विभागों और एजेंसियों के माध्यम से किए जाने वाले भुगतान में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।

ज्ञापन सौंपने के दौरान कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में आवाज उठाते हुए शासन से शीघ्र निराकरण की अपेक्षा जताई। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से शासकीय विभागों की व्यवस्थाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और विभागीय कार्यों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान कर उन्हें श्रम कानूनों के अनुरूप मिलने वाले अधिकार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।

अब आउटसोर्स कर्मचारी संघ की नजर शासन और श्रम विभाग की आगामी कार्रवाई पर है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि ज्ञापन में रखी गई 12 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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