स्मृति ईरानी के सिहोरा जिला बनाने के वादे की याद दिलाएगी लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति।

 स्मृति ईरानी के सिहोरा जिला बनाने के वादे की याद दिलाएगी लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति।

1 सितंबर से शुरू होगा अभियान,प्रतिदिन एक भाजपा नेता के घर पहुंचकर सौंपेंगे स्मरण पत्र।

सिहोरा। विधानसभा चुनाव के दौरान सिहोरा को जिला बनाने को लेकर किए गए वादे को अब लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने फिर से प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया है। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त हुईं स्मृति ईरानी द्वारा चुनावी मंच से सिहोरा को जिला बनाने के प्रस्ताव को सरकार के समक्ष स्वयं लेकर जाने के दिए गए आश्वासन की याद दिलाने के लिए समिति 1 सितंबर से विशेष अभियान शुरू करेगी।

आंदोलन समिति के सदस्यों अनिल जैन, विकास दुबे, कृष्णकुमार कुररिया और सुशील जैन ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान सिहोरा जिला का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। इसी दौरान स्मृति ईरानी ने सिहोरा की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मंच से आश्वासन दिया था कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने और संतोष बरकड़े के विधायक चुने जाने के बाद वे स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष सिहोरा को जिला बनाने का निवेदन लेकर जाएंगी।

समिति का कहना है कि चुनाव के दौरान दिए गए इस आश्वासन को अब सिहोरा की जनता की ओर से याद दिलाने का समय आ गया है। इसी उद्देश्य से समिति ने 1 सितंबर से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से स्मरण पत्र अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

स्मृति ईरानी के बयान का वीडियो भी सामने रखा

आंदोलन समिति ने स्मृति ईरानी के चुनावी संबोधन का वीडियो भी सामने रखा है। समिति के अनुसार इस वीडियो में स्मृति ईरानी ने सिहोरा जिला बनाने के मुद्दे पर आश्वासन देते हुए कहा था कि “यह दुनिया जानती है कि आपकी दीदी एक बार किसी को स्वयं वचन दे दे तो वचन की पूर्ति करती है।” समिति का कहना है कि इसी बयान के आधार पर अब उनसे और स्थानीय भाजपा नेताओं से सिहोरा जिला बनाने के वादे को आगे बढ़ाने की अपेक्षा की जा रही है।

प्रतिदिन एक भाजपा नेता को सौंपेंगे स्मरण पत्र

समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 1 सितंबर से प्रतिदिन एक स्थानीय भाजपा नेता के घर पहुंचकर स्मरण पत्र सौंपा जाएगा। समिति का कहना है कि चुनाव के दौरान जिस मंच से सिहोरा को जिला बनाने का मुद्दा उठाया गया था, उस समय मौजूद प्रमुख भाजपा नेताओं को भी स्मरण पत्र देकर इस वादे की याद दिलाई जाएगी।

जिन नेताओं को स्मरण पत्र सौंपने की बात समिति ने कही है, उनमें विधायक संतोष बरकड़े, दिलीप दुबे, संध्या दिलीप दुबे, रश्मि मनेन्द्र अग्निहोत्री, राजा मोर, राजेश दाहिया, अनुपम सराफ, अंकित तिवारी और सतीश पटेल के नाम शामिल हैं।

समिति ने नागरिकों से अभियान में जुड़ने की अपील की

लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने सिहोरा के नागरिकों से भी अभियान में शामिल होने की अपील की है। समिति ने नागरिकों से स्मृति ईरानी के चुनावी बयान वाले वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने तथा सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती के साथ उठाने का आग्रह किया है।

समिति के सदस्यों का कहना है कि सिहोरा को जिला बनाने की मांग लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांगों में शामिल रही है। इस मांग को लगातार जीवंत बनाए रखने और जनप्रतिनिधियों तथा सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलेगा अभियान

आंदोलन समिति ने स्पष्ट किया है कि अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाएगा। समिति का उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि चुनाव के दौरान सिहोरा की जनता के सामने किए गए वादे को संबंधित नेताओं और सरकार के समक्ष दोबारा रखना है।

अब 1 सितंबर से शुरू होने वाला यह स्मरण पत्र अभियान सिहोरा जिला बनाने की मांग को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को एक बार फिर तेज कर सकता है। समिति की नजर इस बात पर रहेगी कि अभियान के बाद भाजपा नेताओं और सरकार की ओर से सिहोरा को जिला बनाने के मुद्दे पर क्या पहल सामने आती है।

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