नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के दौरान भगदड़ जैसे हालात,कई श्रद्धालु घायल।
करंट फैलने की अफवाह से मची अफरा-तफरी,भीड़ के दबाव में गिरे श्रद्धालु,मंदिर समिति ने भगदड़ की खबरों को बताया भ्रामक।
उज्जैन। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के दुर्लभ संयोग के बीच सोमवार को उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वर्ष में केवल एक बार नागपंचमी के अवसर पर 24 घंटे के लिए खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसी दौरान दर्शन मार्ग में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ जैसे हालात बन गए। कुछ श्रद्धालुओं के गिरने और घायल होने की जानकारी सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए लगी कतार के दौरान हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अचानक अफरा-तफरी की स्थिति बनी। इसी बीच बिजली के करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में दहशत पैदा हुई और भीड़ में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ श्रद्धालु संतुलन खोकर गिर पड़े, जबकि कुछ बैरिकेडिंग से टकरा गए। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य श्रद्धालुओं ने लोगों को भीड़ से बाहर निकालने का प्रयास किया।
घटना में श्रद्धालुओं के घायल होने की अलग-अलग जानकारी सामने आई है। वार्ता की रिपोर्ट के अनुसार 13 श्रद्धालु घायल हुए, जिन्हें उज्जैन जिला अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकांश घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। वहीं अमर उजाला की रिपोर्ट में नागचंद्रेश्वर मंदिर के नीलकंठ द्वार के पास छह श्रद्धालुओं के घायल होने तथा हरसिद्धि मंदिर के सामने भीड़ के दबाव के कारण करीब 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी गई है।
प्रत्यक्ष घटनाक्रम को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटना का मुख्य कारण भीड़ का अत्यधिक दबाव और करंट फैलने की अफवाह बताई जा रही है। हालांकि करंट फैलने की बात की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में अफवाह को घटना का कारण बताते समय सावधानी जरूरी है। प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और भीड़ प्रबंधन को और मजबूत किया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई गई है तथा दर्शन व्यवस्था जारी रहने की जानकारी सामने आई है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ विशेष रूप से अधिक रही। नागपंचमी और सावन सोमवार एक ही दिन पड़ने के कारण बाबा महाकाल तथा भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट वर्ष में केवल एक बार नागपंचमी के अवसर पर 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं, जिसके चलते इस दिन यहां दर्शन के लिए असाधारण भीड़ रहती है।
घटना के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से भी स्पष्टीकरण जारी किया गया। समिति ने कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर चल रही मंदिर में भगदड़ तथा अव्यवस्था संबंधी खबरों को भ्रामक बताया है। समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
हालांकि दूसरी ओर, विभिन्न समाचार रिपोर्टों में भीड़ के दबाव, श्रद्धालुओं के गिरने और कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी लगातार सामने आई है। इसलिए घटना को लेकर सबसे संतुलित स्थिति यही है कि महाकाल परिसर में नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन मार्ग में भीड़ के दबाव के कारण भगदड़ जैसे हालात बने और कुछ श्रद्धालु घायल अथवा अस्वस्थ हुए। घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें हैं, इसलिए आधिकारिक अंतिम आंकड़े की प्रतीक्षा करना उचित होगा।
इस घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, आपातकालीन निकासी मार्ग और अफवाहों पर तत्काल नियंत्रण की आवश्यकता को सामने ला दिया है। नागपंचमी जैसे विशेष अवसर पर नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लगातार निगरानी में रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहती है।
फिलहाल उज्जैन में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन और पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और निर्धारित मार्ग से ही दर्शन करने की अपील की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।


