महंगाई बढ़ गई, स्कूल की फीस और सिलेबस भी बढ़ गए,लेकिन 15 अगस्त के दो लड्डू आज तक नहीं बढ़े।
बच्चे के अनोखे भाषण ने सोशल मीडिया पर मचाई धूम,बोला-आजादी के 80 साल हो गए तो लड्डू भी बढ़ने चाहिए।
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक छोटे से बच्चे का मजेदार और तर्कपूर्ण भाषण इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बच्चे ने अपने भाषण में देश में बढ़ती महंगाई, स्कूलों की बढ़ती फीस और बढ़ते सिलेबस का जिक्र करते हुए 15 अगस्त के अवसर पर बच्चों को मिलने वाले दो लड्डुओं पर ऐसा सवाल उठाया कि कार्यक्रम में मौजूद लोग भी मुस्कुराने और तालियां बजाने पर मजबूर हो गए।
वायरल वीडियो में बच्चा बेहद आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखता दिखाई दे रहा है। बच्चे का कहना है कि देश को आजाद हुए 80 वर्ष हो चुके हैं। इन वर्षों में महंगाई लगातार बढ़ी, स्कूलों की फीस बढ़ी, पढ़ाई का खर्च बढ़ा और बच्चों का सिलेबस भी बढ़ता गया, लेकिन स्वतंत्रता दिवस पर मिलने वाले लड्डुओं की संख्या आज भी दो ही है। बच्चे ने इसी बात को अपने भाषण का मुद्दा बनाते हुए कहा कि जब बाकी चीजें समय के साथ बढ़ सकती हैं तो 15 अगस्त के लड्डू क्यों नहीं बढ़ सकते।
बच्चे के इसी अनोखे अंदाज ने उसके भाषण को खास बना दिया। उसने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर आजादी के हर साल के साथ लड्डुओं की संख्या भी बढ़ती तो अब तक बच्चों को 80 लड्डू मिलने चाहिए थे। बच्चे की यह बात सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने बच्चे की हाजिरजवाबी और आत्मविश्वास की जमकर सराहना की।
बच्चे ने अपने भाषण में स्कूल की फीस और सिलेबस का भी मजेदार अंदाज में उल्लेख किया। उसका कहना था कि जब बच्चों की पढ़ाई का बोझ और खर्च लगातार बढ़ रहा है तो स्वतंत्रता दिवस पर मिलने वाली मिठाई में भी कुछ बढ़ोतरी होनी चाहिए। उसने यहां तक कह दिया कि मौजूदा समय में दो लड्डुओं की जगह काजू कतली का डिब्बा मिलना चाहिए।
बच्चे के भाषण का सबसे मजेदार हिस्सा उस समय सामने आया जब उसने अपनी लड्डू वाली मांग को लेकर आंदोलन तक की बात कह डाली। उसके अंदाज से साफ नजर आया कि वह गंभीर राजनीतिक बयान नहीं बल्कि बच्चों की मासूमियत और हास्य के माध्यम से अपनी बात कह रहा था। जंतर-मंतर पर पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि मिठाई के लिए आंदोलन करने जैसी उसकी बात ने लोगों को खूब हंसाया।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी बच्चे के भाषण को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने बच्चे की हाजिरजवाबी की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में जिस आत्मविश्वास और तर्क के साथ बच्चे ने अपनी बात रखी, वह काबिले तारीफ है। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि बच्चे ने देश की महंगाई के बीच अपनी सबसे जरूरी समस्या आखिरकार सामने रख ही दी।
हालांकि यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 15 अगस्त के अवसर पर देश के सभी स्कूलों में प्रत्येक बच्चे को अनिवार्य रूप से दो लड्डू देने का कोई सार्वदेशिक सरकारी नियम नहीं है। अलग-अलग स्कूलों और संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिठाई बांटने की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की जाती है। इसलिए बच्चे का दो लड्डुओं वाला तर्क मूल रूप से हास्य और व्यंग्य के रूप में लिया जाना चाहिए।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि बच्चों की मासूम बातें भी कभी-कभी समाज के बड़े मुद्दों पर लोगों का ध्यान खींच लेती हैं। महंगाई और बढ़ते खर्च के बीच बच्चे ने अपने अंदाज में मिठाई की मात्रा बढ़ाने की मांग रखी, जिसे लोगों ने गंभीर शिकायत के बजाय मनोरंजक और मासूम अंदाज में लिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में हास्य का एक अलग रंग जोड़ दिया है। बच्चे का संदेश भले ही लड्डुओं तक सीमित रहा हो, लेकिन उसकी प्रस्तुति, आत्मविश्वास और तर्क ने लोगों का दिल जीत लिया। अब सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर आजादी के 80 साल पूरे होने के बाद 15 अगस्त के लड्डुओं की संख्या बढ़ेगी या बच्चों को अगले साल भी वही दो लड्डुओं से संतोष करना पड़ेगा।
बहरहाल, बच्चे की यह अनोखी मांग सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। उसकी मासूमियत भरी दलील ने लोगों को हंसाने के साथ-साथ यह सोचने का मौका भी दिया कि बदलते समय के साथ बच्चों की छोटी-छोटी खुशियों में भी कुछ नया जुड़ना चाहिए। लड्डू कितने मिलेंगे, यह तो स्कूल प्रबंधन तय करेगा, लेकिन बच्चे के इस भाषण ने 15 अगस्त की मिठास जरूर कई गुना बढ़ा दी है।


