देवरी बिछिया में दो माह से राशन वितरण ठप,गरीब परिवारों के सामने खाद्यान्न संकट,6.12 लाख की वसूली के आदेश के बाद भी कार्रवाई का इंतजार।
एसडीओ ढीमरखेड़ा ने 29 जुलाई को तहसीलदार को दिए थे वसूली के निर्देश,सरपंच रिया राहुल दुबे ने जुलाई में ही कलेक्टर को पत्र लिखकर उठाई थी राशन वितरण की मांग,अब ग्रामीणों ने त्योहार से पहले दोनों माह का राशन दिलाने की लगाई गुहार।
ढीमरखेड़ा। जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत देवरी बिछिया स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सामने आई अनियमितताओं के बाद अब राशन वितरण को लेकर ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार जुलाई और अगस्त माह का राशन अब तक वितरित नहीं किया गया है। सामने त्योहार होने के कारण गरीब, मजदूर और जरूरतमंद परिवारों के सामने खाद्यान्न का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों महीनों का लंबित राशन वितरित कराने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि शासकीय उचित मूल्य दुकान देवरी बिछिया में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत की गई अनियमितताओं के मामले में अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा द्वारा संबंधित विक्रेताओं से कुल 6 लाख 12 हजार 200 रुपये की राशि वसूल किए जाने के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा द्वारा दिनांक 29 जुलाई 2026 को तहसीलदार को वसूली के लिए आदेशित किया गया था। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि आदेश जारी हुए लगभग एक माह बीतने को है, इसके बावजूद संबंधित विक्रेताओं से उक्त राशि की वसूली की कार्रवाई अब तक पूरी नहीं हुई है।
मामले में संबंधित विक्रेताओं के रूप में जयंती बर्मन, धर्मेन्द्र पटेल और अभिलाष रंजन बर्मन के नाम सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब अनुविभागीय अधिकारी द्वारा अनियमितताओं के संबंध में राशि वसूल किए जाने का आदेश जारी किया जा चुका है, तो आदेश के पालन में देरी क्यों हो रही है, यह प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल है।
इधर सबसे गंभीर स्थिति राशन वितरण को लेकर बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार जुलाई माह का राशन वितरित नहीं होने के बाद अगस्त माह में भी राशन वितरण की समस्या बनी रही। अब अगस्त माह समाप्त होने की ओर है, लेकिन दोनों महीनों का राशन नहीं मिलने से पात्र हितग्राही परेशान हैं। गरीब और मजदूर वर्ग के अनेक परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली से मिलने वाले खाद्यान्न पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में दो माह तक राशन नहीं मिलने से उनके सामने रोजमर्रा के भोजन की व्यवस्था को लेकर परेशानी बढ़ गई है।
इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत की सरपंच रिया राहुल दुबे ने समय रहते प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। सरपंच रिया राहुल दुबे ने दिनांक 28 जुलाई 2026 को कटनी कलेक्टर को पत्र लिखकर शासकीय उचित मूल्य दुकान देवरी बिछिया में जुलाई माह का राशन वितरित नहीं किए जाने की जानकारी दी थी। सरपंच रिया राहुल दुबे ने कलेक्टर को दिए पत्र में बताया था कि राशन वितरण नहीं होने से गरीब तबके और मजदूर वर्ग के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरपंच रिया राहुल दुबे ने अपने पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन से आग्रह किया था कि मामले का अवलोकन करते हुए शासकीय उचित मूल्य दुकान देवरी बिछिया में तत्काल राशन वितरण कराया जाए, ताकि गरीब परिवारों को राहत मिल सके। सरपंच रिया राहुल दुबे की इस पहल के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी और जुलाई माह का राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
लेकिन ग्रामीणों के अनुसार जुलाई माह का राशन मिलने की समस्या का समाधान नहीं हो सका और अब अगस्त माह भी समाप्ति की ओर है। ऐसी स्थिति में सरपंच रिया राहुल दुबे सहित ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सरपंच रिया राहुल दुबे ने जुलाई माह में ही जिला प्रशासन को लिखित रूप से समस्या से अवगत करा दिया था, तो इसके बाद भी दो माह का राशन वितरण नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर गरीब परिवार अपने अधिकार के राशन के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितताओं के मामले में 6 लाख 12 हजार 200 रुपये की वसूली के आदेश के बाद भी वसूली लंबित होना प्रशासनिक कार्रवाई की गति पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि जब अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा द्वारा 29 जुलाई 2026 को तहसीलदार को वसूली के निर्देश दिए जा चुके हैं, तो संबंधित विक्रेताओं से राशि की वसूली अब तक क्यों नहीं की गई।
सरपंच रिया राहुल दुबे ने जिला प्रशासन से मांग की है कि त्योहार को ध्यान में रखते हुए देवरी बिछिया के पात्र हितग्राहियों को जुलाई और अगस्त दोनों महीनों का राशन तत्काल उपलब्ध कराया जाए। सरपंच रिया राहुल दुबे का कहना है कि गरीब परिवारों को उनके हक का राशन समय पर मिलना चाहिए और किसी भी स्तर पर होने वाली देरी का खामियाजा गरीब हितग्राहियों को नहीं भुगतना चाहिए।
सरपंच रिया राहुल दुबे सहित ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में की गई अनियमितताओं के मामले में जिन विक्रेताओं से 6 लाख 12 हजार 200 रुपये की राशि वसूल किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं, उनसे नियमानुसार शीघ्र राशि वसूल की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अनियमितताएं प्रमाणित पाई गई हैं तो जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति गरीबों के हक के राशन में अनियमितता करने का साहस न कर सके।
ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई है कि शासकीय उचित मूल्य दुकान देवरी बिछिया में राशन वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। पात्र हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध हो और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था पारदर्शी तरीके से संचालित हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाना आवश्यक है।
त्योहार के समय राशन की समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। ग्रामीण परिवारों का कहना है कि पहले ही रोजमर्रा की महंगाई और रोजगार की अनिश्चितता के कारण आर्थिक परेशानियां बनी रहती हैं। ऐसे में यदि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से मिलने वाला राशन भी समय पर नहीं मिलता है तो परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। इसलिए जुलाई और अगस्त माह का लंबित राशन जल्द से जल्द वितरित किया जाना आवश्यक है।
सरपंच रिया राहुल दुबे ने एक बार फिर जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सरपंच रिया राहुल दुबे सहित समस्त ग्रामीणों की मांग है कि त्योहार को देखते हुए बिना किसी और देरी के जुलाई एवं अगस्त माह का राशन पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही अनुविभागीय अधिकारी द्वारा निर्धारित 6 लाख 12 हजार 200 रुपये की वसूली के आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। देखना यह होगा कि जिला प्रशासन द्वारा देवरी बिछिया के गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को लंबित दो माह का राशन कब तक उपलब्ध कराया जाता है और अनियमितताओं के मामले में आदेशित राशि की वसूली के संबंध में क्या कार्रवाई की जाती है। त्योहार सामने होने के कारण ग्रामीणों की मांग है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें राहत प्रदान की जाए।


