ग्वारीघाट से शुरू हुई कांवड़ यात्रा,आज सिलौंडी पहुंचेगा कांवड़ियों का दल।
मां नर्मदा के पवित्र जल से सिलौंडी के शिव मंदिरों में होगा जलाभिषेक और रुद्राभिषेक,शिव चौक समिति करेगी कांवड़ियों का भव्य स्वागत।
सिलौंडी। सावन सोमवार के पावन अवसर पर भगवान शिव की भक्ति और मां नर्मदा के प्रति आस्था का अनूठा संगम सिलौंडी में देखने को मिलेगा। सिलौंडी के युवाओं का एक दल रविवार सुबह जबलपुर के प्रसिद्ध ग्वारीघाट पहुंचा, जहां मां नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में लेकर कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया गया। कांवड़ियों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ मां नर्मदा का जल कांवड़ में धारण किया और पैदल सिलौंडी के लिए रवाना हुए।
कांवड़ यात्रा के दौरान युवाओं का दल पूरे दिन पैदल चलता रहा। यात्रा के दौरान भगवान शिव के जयकारों और धार्मिक भावना के बीच कांवड़ियों ने अपनी यात्रा जारी रखी। रविवार रात कांवड़ियों का दल बघराजी पहुंचा, जहां रात्रि विश्राम किया गया। सोमवार सुबह बघराजी से कांवड़ यात्रा पुनः प्रारंभ होगी और कांवड़ियों का दल सिलौंडी के लिए रवाना होगा।
ग्वारीघाट जबलपुर से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर सिलौंडी पहुंच रहे कांवड़ियों के स्वागत की तैयारियां भी की गई हैं। शिव चौक समिति सिलौंडी द्वारा कांवड़ियों का स्वागत किया जाएगा। कांवड़ियों के सिलौंडी आगमन को लेकर स्थानीय युवाओं, श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
सावन सोमवार के अवसर पर सिलौंडी के शिव चौक में सुबह 8 बजे से पार्थिव शिवलिंग निर्माण का धार्मिक आयोजन भी किया जाएगा। इस आयोजन में श्रद्धालु पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। आयोजन को लेकर शिव भक्तों में उत्साह है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कांवड़ यात्रा के सिलौंडी पहुंचने के बाद युवाओं का दल नगर के विभिन्न शिव मंदिरों का भ्रमण करेगा। कांवड़ में ग्वारीघाट से लाया गया मां नर्मदा का पवित्र जल अलग-अलग शिव मंदिरों में भगवान शिव को अर्पित किया जाएगा। मंदिरों में जलाभिषेक के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक और विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाएगा।
कांवड़ यात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना हुआ है। सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में युवाओं द्वारा ग्वारीघाट से मां नर्मदा का जल लेकर पैदल सिलौंडी पहुंचने की यह पहल श्रद्धा और भक्ति का संदेश दे रही है।
यात्रा में शामिल युवाओं का कहना है कि मां नर्मदा का जल लेकर भगवान शिव के मंदिरों तक पहुंचना उनके लिए आस्था और सौभाग्य का विषय है। कांवड़ यात्रा के माध्यम से भगवान शिव की आराधना करने के साथ ही युवाओं में धार्मिक भावना और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
सोमवार को कांवड़ियों के सिलौंडी आगमन, शिव चौक पर पार्थिव शिवलिंग निर्माण तथा नगर के विभिन्न शिव मंदिरों में मां नर्मदा के जल से जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक के चलते सिलौंडी में दिनभर भक्तिमय माहौल रहने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं द्वारा भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ कांवड़ियों का स्वागत किया जाएगा।
ग्वारीघाट से शुरू हुई यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि युवाओं की आस्था, श्रद्धा और सामूहिक सहभागिता का भी प्रतीक बन रही है। कांवड़ियों के सिलौंडी पहुंचने के बाद विभिन्न शिव मंदिरों में होने वाले धार्मिक आयोजनों से सावन सोमवार की भक्ति और भी विशेष हो जाएगी।


