सिहोरा जिला की मांग को मिला नया आधार,पुनर्गठन आयोग को भेजा गया दावा परीक्षण के लिए।
राजस्व विभाग ने आयोग को सौंपे दस्तावेज,लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने 2 अगस्त को बुलाई महत्वपूर्ण बैठक।
सिहोरा।सिहोरा को जिला बनाने की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल सामने आई है। मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने सिहोरा को जिला बनाए जाने संबंधी प्रस्तुत दावे एवं दस्तावेजों के परीक्षण के लिए संपूर्ण प्रकरण मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग को भेज दिया है। इस घटनाक्रम को सिहोरा जिला आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। वहीं इस पत्र के सामने आने के बाद लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने आगामी 2 अगस्त को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाकर आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार, सिहोरा को जिला घोषित करने की मांग को लेकर लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति द्वारा दिसंबर 2025 में व्यापक जनआंदोलन चलाया गया था। लगभग 24 दिनों तक चले इस आंदोलन में भूख हड़ताल, आमरण सत्याग्रह, बाजार बंद तथा विभिन्न लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिनमें क्षेत्र के नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं व्यापारिक वर्ग का व्यापक समर्थन मिला था।
आंदोलन के दौरान 26 दिसंबर 2025 को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े, पूर्व विधायक दिलीप दुबे तथा आंदोलन समिति के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में आंदोलन समिति द्वारा सिहोरा को जिला बनाए जाने के समर्थन में तैयार किए गए सभी आवश्यक दस्तावेज, तर्क एवं प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपे गए थे। मुख्यमंत्री ने इन दस्तावेजों का परीक्षण कराने के लिए प्रकरण राजस्व विभाग को भेजने के निर्देश दिए थे।
राजस्व विभाग द्वारा प्रारंभिक परीक्षण के उपरांत वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा गठित मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग को यह संपूर्ण प्रकरण परीक्षण एवं परीक्षणोपरांत अनुशंसा के लिए प्रेषित कर दिया गया है। आयोग अब प्रस्तुत दस्तावेजों, प्रशासनिक आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या, राजस्व व्यवस्था तथा अन्य निर्धारित मानकों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपेगा। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर शासन आगे की कार्रवाई करेगा।
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने आगामी 2 अगस्त को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाने की घोषणा की है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि बैठक में वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाएगी तथा भविष्य की रणनीति पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा।
समिति के प्रमुख सदस्यों अनिल जैन, विकास दुबे, कृष्ण कुमार कुररिया एवं सुशील जैन ने बताया कि सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग जनभावनाओं से जुड़ा विषय है और समिति इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए लगातार प्रयासरत रहेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन समिति किसी भी स्तर पर प्रयासों में कमी नहीं आने देगी तथा आवश्यक होने पर आगामी चरण के जनआंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
सिहोरा क्षेत्र के नागरिकों की निगाहें अब मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि आयोग की अनुशंसा सकारात्मक रहती है तो सिहोरा को जिला बनाने की दिशा में आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।


