कटनी के महानगर बनने की मजबूत नींव कांग्रेस ने रखी,रेलवे,उद्योग और नगर निगम का दर्जा विकास की ऐतिहासिक पहचान-करण सिंह चौहान।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष बोले-150 वर्षों में रेलवे,ऑर्डिनेंस फैक्ट्री,औद्योगिक परियोजनाओं और कांग्रेस सरकार की दूरदर्शी नीतियों ने कटनी को प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं प्रशासनिक शहरों में किया स्थापित।
कटनी जिला शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान में छिंदवाड़ा प्रभारी करण सिंह चौहान ने कटनी के ऐतिहासिक, औद्योगिक एवं प्रशासनिक विकास को लेकर एक विस्तृत बयान जारी करते हुए कहा है कि कटनी का इतिहास केवल एक छोटे कस्बे का इतिहास नहीं है, बल्कि यह लगभग डेढ़ सौ वर्षों से लगातार हुए औद्योगिक, रेलवे और प्रशासनिक विकास की एक ऐसी गौरवशाली यात्रा है, जिसने इस शहर को मध्यप्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं रणनीतिक नगरों में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि कटनी का विकास किसी एक समय या किसी एक सरकार की देन नहीं, बल्कि अनेक पीढ़ियों के श्रमिकों, कर्मचारियों, उद्योगों, जनप्रतिनिधियों और दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है। इसलिए शहर के गौरवशाली इतिहास को नकारना या उसे छोटा बताना वास्तविक तथ्यों से दूर जाने जैसा है।
करण सिंह चौहान ने कहा कि कटनी का शहरीकरण तीन प्रमुख आधारों पर खड़ा हुआ है—रेलवे, रक्षा उत्पादन और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान। इन तीनों क्षेत्रों में हुए विकास ने न केवल हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया, बल्कि व्यापार, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक जीवन को भी नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से कटनी धीरे-धीरे मध्यभारत के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं रेलवे नगरों में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कटनी की इसी ऐतिहासिक एवं औद्योगिक पहचान को ध्यान में रखते हुए लगभग 29 वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कटनी को नगर पालिका से उन्नत कर नगर पालिक निगम का दर्जा प्रदान किया तथा बाद में जिला मुख्यालय की सौगात देकर इसके विकास को नई गति दी। उनके अनुसार यदि उस समय यह निर्णय नहीं लिया जाता तो आज कटनी जिस प्रशासनिक और शहरी स्वरूप में दिखाई देता है, वहां तक पहुंचना संभव नहीं होता।
करण सिंह चौहान ने कहा कि कटनी के विकास का पहला और सबसे महत्वपूर्ण अध्याय रेलवे से शुरू होता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1867 में ईस्ट इंडियन रेलवे द्वारा जबलपुर-इलाहाबाद रेल मार्ग पर कटनी स्टेशन की स्थापना के साथ इस क्षेत्र के विकास का नया दौर प्रारंभ हुआ। इसके बाद वर्ष 1891 में कटनी-बिलासपुर रेल मार्ग का निर्माण हुआ, जिससे पूर्व और मध्य भारत के बीच आवागमन और व्यापार को नई गति मिली। वर्ष 1898-99 में कटनी-दमोह-सागर रेल लाइन पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू होने से यह क्षेत्र और अधिक व्यापक रेल नेटवर्क से जुड़ गया। बाद में वर्ष 1972 में कटनी-सिंगरौली रेल मार्ग के प्रारंभ होने से कोयला, खनिज और औद्योगिक परिवहन को नई दिशा मिली तथा कटनी देश के महत्वपूर्ण रेल जंक्शनों में शामिल हो गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1962 कटनी के इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष रहा, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने न्यू कटनी जंक्शन (एनकेजे) में देश के सबसे बड़े डीजल लोको शेड की आधारशिला रखी। यह परियोजना केवल रेलवे की स्थापना नहीं थी, बल्कि इसने कटनी के आर्थिक और सामाजिक विकास की तस्वीर ही बदल दी। हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला, रेलवे कॉलोनियों का विस्तार हुआ, नए बाजार विकसित हुए, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि हुई तथा कटनी की पहचान देशभर में एक बड़े रेलवे नगर के रूप में स्थापित हुई।
उन्होंने कहा कि रेलवे के समानांतर रक्षा उत्पादन क्षेत्र ने भी कटनी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्रिटिश शासनकाल में वर्ष 1942 में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की स्थापना की गई। इस रक्षा प्रतिष्ठान ने हजारों परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया और कटनी की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी। इसके साथ ही शहर में तकनीकी विशेषज्ञता, आवासीय विकास और व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि आज भी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कटनी की औद्योगिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
करण सिंह चौहान ने कहा कि औद्योगिक विकास की दृष्टि से भी कटनी का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। वर्ष 1923 में कैमोर में देश के प्रमुख सीमेंट संयंत्रों में शामिल पोर्टलैंड सीमेंट प्लांट की स्थापना की गई, जो आगे चलकर एसीसी और वर्तमान में अडाणी सीमेंट के रूप में संचालित हो रहा है। इस उद्योग ने हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया तथा आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी। इसके बाद वर्ष 1934 में कैमोर स्थित एवरेस्ट प्लांट की स्थापना हुई, जिसने औद्योगिक विकास को और अधिक मजबूती प्रदान की।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1952 में क्षेत्र में उपलब्ध प्रचुर बॉक्साइट भंडार को देखते हुए एसीसी रिफ्रैक्ट्री सेरेमिक प्लांट की स्थापना की गई, जो वर्तमान में कैलडरीज इंडिया के रूप में कार्यरत है। इस उद्योग ने स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए तथा कटनी को औद्योगिक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 1970 में भारत सरकार द्वारा बोकारो स्टील प्लांट के लिए ऐतिहासिक कोटेश्वर चूना पत्थर खदान को स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के माध्यम से हजारों मजदूरों को रोजगार मिला, स्थानीय परिवहन व्यवसाय को बढ़ावा मिला और व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि इन सभी औद्योगिक परियोजनाओं ने मिलकर कटनी की आर्थिक रीढ़ को मजबूत किया और इसे प्रदेश के अग्रणी औद्योगिक जिलों में स्थापित किया।
करण सिंह चौहान ने कहा कि कटनी के विकास में कांग्रेस सरकारों का योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने कहा कि नगर पालिक निगम का दर्जा मिलने के बाद शहर में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय विकास तथा प्रशासनिक सुविधाओं का लगातार विस्तार हुआ। इसके बाद जिला मुख्यालय बनने से सरकारी कार्यालयों की स्थापना हुई, प्रशासनिक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हुईं और नागरिकों को विभिन्न कार्यों के लिए अन्य जिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान कटनी जिले की आठ तहसीलों में से अधिकांश का गठन कांग्रेस शासनकाल में हुआ, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को प्रशासनिक सुविधाओं का लाभ मिला तथा विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सका। उनके अनुसार यह निर्णय भी कांग्रेस सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम था।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज यदि कोई व्यक्ति यह कहता है कि कटनी अभी भी एक छोटा शहर है या इसके विकास में पूर्ववर्ती सरकारों का कोई योगदान नहीं रहा, तो वह इतिहास और वास्तविक तथ्यों की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि कटनी की वर्तमान पहचान रेलवे, रक्षा उत्पादन, बड़े उद्योगों, प्रशासनिक विकास और कांग्रेस सरकारों द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की संयुक्त देन है।
उन्होंने कहा कि कटनी केवल मध्यप्रदेश का एक जिला मुख्यालय नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षमता, रेलवे नेटवर्क, खनिज संपदा, रक्षा प्रतिष्ठानों और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध एक ऐसा शहर है जिसने देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आने वाले समय में यदि इसी प्रकार योजनाबद्ध विकास, औद्योगिक निवेश, आधारभूत संरचना का विस्तार और रोजगार सृजन पर ध्यान दिया जाता है तो कटनी प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्रों में और अधिक मजबूत पहचान स्थापित कर सकता है।
अपने बयान के अंत में करण सिंह चौहान ने कहा कि कटनी का गौरवशाली इतिहास सभी नागरिकों की साझा धरोहर है। इस इतिहास का सम्मान करना, पूर्वजों के योगदान को स्वीकार करना और विकास की इस यात्रा को आगे बढ़ाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शहर की जनता विकास, सौहार्द और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कटनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


