मध्य प्रदेश में मानसून मेहरबान,खंडवा-हरदा में रेड अलर्ट,19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी।

 मध्य प्रदेश में मानसून मेहरबान,खंडवा-हरदा में रेड अलर्ट,19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी।

पूरे प्रदेश में सक्रिय हुआ मानसून,कई जिलों में मूसलाधार वर्षा के आसार,अब तक 38 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और आने वाले घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने खंडवा और हरदा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके साथ ही प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

प्रदेश में इस वर्ष मानसून ने निर्धारित समय से लगभग नौ दिन की देरी से प्रवेश किया। 24 जून को मानसून ने मध्य प्रदेश में दस्तक दी और धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में फैल गया। गुरुवार तक मानसून की सक्रियता सभी संभागों में देखी गई, जिससे कई जिलों में लगातार वर्षा का सिलसिला शुरू हो गया है।

हालांकि मानसून पूरे प्रदेश में पहुंच चुका है, लेकिन अब तक वर्षा का वितरण समान नहीं रहा है। प्रदेश के 38 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत भोपाल, इंदौर और देवास जैसे कुछ जिलों में अच्छी वर्षा होने से जलाशयों और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत के ऊपर बने सक्रिय मौसमी तंत्र के कारण प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज हुई हैं। इसके प्रभाव से नर्मदापुरम, मालवा, निमाड़, महाकौशल तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में जलभराव, छोटे पुलों और रपटों पर पानी आने तथा नदी-नालों के उफान पर रहने की आशंका व्यक्त की गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में वर्षा की यही स्थिति बनी रहती है तो प्रदेश में अब तक बनी वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई को भी गति मिलेगी और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों और जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की भी आशंका बनी हुई है।

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि मौसम की परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं, इसलिए विभिन्न जिलों के लिए जारी अलर्ट में समय-समय पर संशोधन संभव है। ऐसे में नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन और प्रशासनिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

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