बारिश से पहले जल जीवन मिशन पर ब्रेक!कार्य बंद करने के आदेश से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता।
सिलौंडी में तेजी से चल रहे नल-जल योजना के कार्य पर विभागीय रोक से ग्रामवासियों में असंतोष,अधूरे कार्य से बारिश में परेशानी बढ़ने की आशंका,कछारगाँव में योजना शुरू होने से लोगों में खुशी।
सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत सिलौंडी क्षेत्र में घर-घर पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से नल-जल योजना का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा था। गांव की गलियों में पाइप लाइन बिछाने, जल टंकी निर्माण तथा सम्पवेल निर्माण सहित विभिन्न कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही उनके घरों तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा पहुंच जाएगी, लेकिन इसी बीच विभाग द्वारा ठेकेदार को कार्य बंद करने का आदेश दिए जाने से ग्रामवासियों में असंतोष और चिंता का माहौल बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की अधिकांश सड़कों और गलियों में पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई की जा चुकी है। यदि इस समय कार्य रोक दिया जाता है तो आगामी बारिश के दौरान लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कई स्थानों पर खुदी हुई सड़कों के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में ग्रामीणों का मानना है कि कार्य को पूर्ण कराने के बाद ही किसी प्रकार का प्रशासनिक निर्णय लिया जाना चाहिए था।
सिलौंडी ग्राम पंचायत की सरपंच पंचों बाई संतोष बर्मन ने विभागीय निर्णय पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ठेकेदार द्वारा सभी स्थलों पर तेजी और गुणवत्ता के साथ कार्य किया जा रहा था। निर्माण कार्यों की प्रगति संतोषजनक थी और ग्रामीण भी कार्य से संतुष्ट थे। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम सामने है और ऐसे समय में कार्य बंद कराना उचित नहीं माना जा सकता। यदि अधूरे कार्यों को इसी स्थिति में छोड़ दिया गया तो गांववासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से जनहित में कार्य पुनः प्रारंभ कराने की मांग की है।
उप सरपंच राहुल राय ने बताया कि इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक से भी चर्चा की गई है। विधायक ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कार्य को जारी रखने की बात कही है। उनका कहना है कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना को बीच में रोकना ग्रामीण हितों के विपरीत है और इससे परियोजना की समयसीमा भी प्रभावित होगी।
दूसरी ओर कछार गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। वहां जलापूर्ति प्रारंभ हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्राम पंचायत कछार गाँव के सरपंच कैलाश चंद्र जैन ने बताया कि ठेकेदार द्वारा गुणवत्तापूर्ण कार्य किया गया है। गांव में जल टंकी और सम्पवेल का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा नियमित जलापूर्ति भी शुरू कर दी गई है। इससे ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या से राहत मिलने लगी है।
कछार गाँव पंचायत के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जिस प्रकार वहां कार्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ है, उसी प्रकार सिलौंडी सहित अन्य गांवों में भी कार्य को बिना बाधा जारी रखा जाना चाहिए ताकि लोगों को समय पर पेयजल सुविधा उपलब्ध हो सके। उनका मानना है कि यदि विभाग बारिश को ध्यान में रखते हुए कार्य बंद कराने के बजाय सुरक्षा उपायों के साथ कार्य पूर्ण कराए तो योजना का लाभ शीघ्रता से ग्रामीणों तक पहुंच सकता है।
वहीं संबंधित ठेकेदार ने विभागीय कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि उनके द्वारा सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूरी तत्परता के साथ किए जा रहे थे। निर्माण कार्यों की नियमित जानकारी एवं फोटोग्राफ अधिकारियों को उपलब्ध कराए जा रहे थे। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किए गए निरीक्षण के दौरान भी किसी प्रकार की गंभीर शिकायत सामने नहीं आई थी। इसके बावजूद टेंडर निरस्तीकरण की दिशा में कदम उठाए जाने और कार्य बंद करने के निर्देश दिए जाना समझ से परे है।
ठेकेदार का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले की वस्तुस्थिति से जिला प्रशासन को अवगत कराया है। कलेक्टर को भी परियोजना की वर्तमान स्थिति और ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी दी गई है। साथ ही क्षेत्रीय विधायक को भी मामले से अवगत कराया गया है। उनका दावा है कि जनप्रतिनिधियों ने कार्य को जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया है।
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि जल जीवन मिशन केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन की मूलभूत आवश्यकता से जुड़ी योजना है। ऐसे में प्रशासन को सभी पक्षों से चर्चा कर ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे निर्माण कार्य भी प्रभावित न हो और ग्रामीणों को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वर्षा ऋतु को देखते हुए सिलौंडी सहित अन्य प्रभावित गांवों में नल-जल योजना के कार्यों को शीघ्र पुनः प्रारंभ कराया जाए, ताकि अधूरी पड़ी सड़कों और निर्माण कार्यों को समय रहते पूरा किया जा सके तथा हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को साकार किया जा सके। ग्रामीणों का मानना है कि यदि योजना समय पर पूरी हो जाती है तो क्षेत्र को जल संकट से स्थायी राहत मिल सकेगी और सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य भी सफल होगा।

