पीएम मोदी का अनोखा अंदाज,एनडीए बैठक में नेताओं संग साझा की बंगाल की प्रसिद्ध झालमुड़ी।
भारत मंडपम में दिखी आत्मीयता की झलक,प्रधानमंत्री ने कहा- "आज एनडीए बैठक में साथी नेताओं के साथ झालमुड़ी साझा की"।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अलग और आत्मीय अंदाज देखने को मिला। राजनीतिक चर्चाओं और रणनीतिक बैठकों के बीच उस समय माहौल हल्का और सौहार्दपूर्ण हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन झालमुड़ी का स्वाद लिया और उसे अपने सहयोगी नेताओं के साथ साझा किया। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, "आज एनडीए बैठक में साथी नेताओं के साथ झालमुड़ी साझा की।" प्रधानमंत्री के इस सहज और सरल अंदाज को लोगों ने काफी पसंद किया और सोशल मीडिया पर वीडियो को लाखों लोगों ने देखा तथा साझा किया।
जानकारी के अनुसार भारत मंडपम में आयोजित यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। बैठक में एनडीए के विभिन्न घटक दलों के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। राजनीतिक और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा के बीच प्रधानमंत्री का यह सहज व्यवहार नेताओं के बीच आपसी संवाद और आत्मीयता का प्रतीक बनकर सामने आया।
वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सहयोगी नेताओं के साथ बातचीत करते हुए नजर आते हैं। इस दौरान उनके सामने पारंपरिक बंगाली व्यंजन झालमुड़ी परोसी गई, जिसका उन्होंने आनंद लिया। बैठक में मौजूद कई नेताओं ने भी झालमुड़ी का स्वाद चखा और आपसी बातचीत के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल दिखाई दिया। वीडियो में प्रधानमंत्री नेताओं के साथ हंसी-मजाक करते हुए भी दिखाई देते हैं, जिससे बैठक का वातावरण काफी सहज नजर आया।
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री को झालमुड़ी परोसी गई। बंगाल की यह लोकप्रिय खाद्य सामग्री मुरमुरे, सरसों के तेल, मसालों, प्याज, हरी मिर्च और अन्य सामग्री से तैयार की जाती है और पूर्वी भारत में इसे बड़े चाव से खाया जाता है। प्रधानमंत्री द्वारा इस पारंपरिक व्यंजन को महत्व दिए जाने को भी सांस्कृतिक विविधता के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समय-समय पर देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, खानपान और परंपराओं को सार्वजनिक रूप से प्रोत्साहित करते रहे हैं। इससे पहले भी वह कई अवसरों पर विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों की सराहना करते नजर आए हैं। यही कारण है कि झालमुड़ी से जुड़ा यह वीडियो भी आम लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गया।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने प्रधानमंत्री के सरल व्यक्तित्व और जमीन से जुड़े व्यवहार की सराहना की। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और विविधता के प्रति सम्मान का संदेश बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच नेताओं के मानवीय और सहज पक्ष की झलक के रूप में देखा।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में एक नया रिकॉर्ड भी बनाया है। ऐसे महत्वपूर्ण राजनीतिक दौर के बीच एनडीए की इस बैठक में दिखाई गई आत्मीयता और सहजता ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया है।
भारत मंडपम में आयोजित इस बैठक की राजनीतिक चर्चाओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झालमुड़ी वाली तस्वीरें और वीडियो भी पूरे दिन चर्चा में बने रहे। राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक, प्रधानमंत्री का यह अनोखा अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

