82 जर्जर शालाओं का होगा कायाकल्प,डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि से दमकेंगे शिक्षा के मंदिर।

 82 जर्जर शालाओं का होगा कायाकल्प,डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि से दमकेंगे शिक्षा के मंदिर।

कलेक्टर आशीष तिवारी ने डीएमएफ मद से जारी की 1.66 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति,तीन माह में पूर्ण होंगे मरम्मत कार्य, ग्राम पंचायतें होंगी क्रियान्वयन एजेंसी।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

जिले में विद्यार्थियों की सुरक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिले की 82 जर्जर एवं मरम्मत योग्य शासकीय प्राथमिक तथा माध्यमिक शालाओं के व्यापक कायाकल्प के लिए जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) मद से एक करोड़ 66 लाख 94 हजार 100 रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इस निर्णय से न केवल विद्यालय भवनों की दशा में सुधार होगा, बल्कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा।

जिला प्रशासन की इस पहल के तहत जनपद पंचायत कटनी, रीठी, विजयराघवगढ़ और बहोरीबंद विकासखंड की चयनित शालाओं में मेजर मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। लंबे समय से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहे विद्यालय भवनों को नई पहचान मिलेगी तथा शिक्षा के मंदिर फिर से चमक उठेंगे। प्रशासन का मानना है कि बेहतर अधोसंरचना से विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत कटनी और विजयराघवगढ़ क्षेत्र की 17-17 शालाओं तथा रीठी एवं बहोरीबंद क्षेत्र की 24-24 शालाओं को इस योजना में शामिल किया गया है। विकासखंड कटनी की 17 शालाओं में 25 लाख 6 हजार 500 रुपये, रीठी क्षेत्र की 24 शालाओं में 49 लाख 98 हजार 600 रुपये, विजयराघवगढ़ की 17 शालाओं में 39 लाख 70 हजार 800 रुपये तथा बहोरीबंद की 24 शालाओं में 52 लाख 18 हजार 200 रुपये की लागत से आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य कराए जाएंगे।

कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा यह स्वीकृति जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र कटनी से प्राप्त प्रस्तावों, शासकीय विद्यालयों के सर्वेक्षण एवं परीक्षण तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री द्वारा जारी तकनीकी स्वीकृतियों के आधार पर प्रदान की गई है। इसके साथ ही संबंधित ग्राम पंचायतों को इन कार्यों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ग्राम पंचायतों द्वारा कराए जाने वाले कार्यों की नियमित और सघन निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को शीघ्र ही इसका लाभ मिल सके।

जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार संबंधित ग्राम पंचायतों को तीन माह की समयावधि में सभी स्वीकृत कार्य पूर्ण करने होंगे। कार्यस्थलों पर सूचना पटल लगाकर परियोजना संबंधी आवश्यक जानकारियां प्रदर्शित करना भी अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त निर्धारित 22 बिंदुओं की शर्तों का पालन करना तथा कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों की पूर्ण जिम्मेदारी होगी।

शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल जिले के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विद्यालय भवनों की बेहतर स्थिति से विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वर्षा ऋतु में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी और स्वच्छ एवं आकर्षक वातावरण में अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन सकेगी। जिला प्रशासन की इस पहल से जिले के हजारों विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है तथा शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी।



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