पुरुषोत्तम मास की अमावस्या पर माँ नर्मदा दर्शन एवं स्नान का पुण्य लाभ,धार्मिक भ्रमण में उमड़ा श्रद्धा और भक्ति का संगम।

 पुरुषोत्तम मास की अमावस्या पर माँ नर्मदा दर्शन एवं स्नान का पुण्य लाभ,धार्मिक भ्रमण में उमड़ा श्रद्धा और भक्ति का संगम।

समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के नेतृत्व में मातृशक्ति ने किया दीपदान,पूजा-अर्चना एवं सामूहिक धार्मिक भ्रमण,सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

अधिमास अर्थात पुरुषोत्तम मास की अमावस्या के पावन अवसर पर सर्वधर्म समभाव एवं जनहितार्थ धार्मिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के नेतृत्व में अनेक सम्मानित मातृशक्तियों, बच्चों एवं श्रद्धालुओं ने माँ नर्मदा के पवित्र दर्शन एवं स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया तथा आध्यात्मिक वातावरण में एक दिव्य एवं आत्मीय धार्मिक यात्रा का आनंद प्राप्त किया।

धार्मिक भ्रमण के दौरान सभी श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम माँ नर्मदा के दर्शन कर उनके पावन जल में स्नान किया। इसके उपरांत भगवान भोलेनाथ सहित विभिन्न देवी-देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा दीपदान कर क्षेत्र, समाज एवं समस्त परिवारों के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई। श्रद्धालुओं ने ईश्वर से प्रार्थना की कि सभी के जीवन में खुशहाली, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का संचार हो।

माँ नर्मदा के रमणीय तट पर प्राकृतिक सौंदर्य, स्वच्छ वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच उपस्थित सभी लोगों ने एक-दूसरे के साथ आत्मीय क्षण साझा किए। धार्मिक यात्रा के दौरान भक्ति, प्रेम, स्नेह और सामाजिक एकता का सुंदर वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने हंसी-खुशी के साथ समय व्यतीत करते हुए धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक मूल्यों को आत्मसात किया।

कार्यक्रम में शामिल मातृशक्तियों एवं बच्चों ने सामूहिक रूप से विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया तथा माँ नर्मदा का प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, श्रद्धा और सौहार्द का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने सभी प्रतिभागियों को आध्यात्मिक रूप से ऊर्जा प्रदान की।

इस अवसर पर समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने कहा कि पुरुषोत्तम मास सनातन परंपरा में अत्यंत पुण्यदायी और दुर्लभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र मास में तीर्थस्थलों के दर्शन, स्नान, दान और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है तथा इससे भक्तों को अनेक गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि हम सभी स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि हमें माँ नर्मदा के दिव्य एवं अलौकिक दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ, जिसने हमारे तन, मन और आत्मा को आध्यात्मिक शांति एवं आनंद से भर दिया।

कार्यक्रम में विशेष सहयोग प्रदान करने वाली डॉ. उर्मिला साई प्रीत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण महिलाओं में आध्यात्मिक चेतना का विकास करते हैं तथा आपसी प्रेम, स्नेह, सहयोग और सामाजिक एकता को मजबूत बनाते हैं। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।

धार्मिक भ्रमण एवं दर्शन यात्रा में मुख्य रूप से रिटायर्ड सैनिक प्रमोद जोशी, समाजसेवी लता खरे, अदिति तिवारी, ज्योति जोशी, शकुंतला जोशी, हर्षित जोशी, करलव जोशी, नन्ही परी मुस्कान सहित अनेक श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे। सभी ने माँ नर्मदा के चरणों में नमन कर क्षेत्र एवं देश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की मंगलकामना की।

Post a Comment

Previous Post Next Post