कोलकाता एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान पर गिरी बिजली,141 यात्रियों की सुरक्षित बची जान।
अगरतला जाने वाली फ्लाइट बिजली गिरने की चपेट में आई,आधुनिक तकनीक और सुरक्षा प्रणाली ने टाला बड़ा हादसा।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने कुछ समय के लिए यात्रियों और एयरपोर्ट प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। अगरतला के लिए रवाना होने वाली इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। घटना उस समय हुई जब विमान उड़ान भरने की तैयारी में था। हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान में सवार सभी 141 यात्री और 6 क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे तथा किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट 6ई-6068 कोलकाता से अगरतला के लिए रवाना होने वाली थी। इसी दौरान खराब मौसम और तेज गर्जना के बीच विमान पर बिजली गिर गई। बिजली गिरने के बाद विमान के कुछ विद्युत तंत्र प्रभावित हुए, जिसके चलते एहतियात के तौर पर उड़ान को रोक दिया गया। एयरलाइन और एयरपोर्ट अधिकारियों ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करते हुए यात्रियों को सुरक्षित विमान से बाहर निकाला और तकनीकी जांच शुरू कर दी।
विशेषज्ञों के अनुसार विमान पर बिजली गिरना सुनने में भले ही बेहद खतरनाक लगे, लेकिन आधुनिक विमानन तकनीक के कारण ऐसी घटनाओं में यात्रियों के लिए खतरा काफी कम होता है। वर्तमान समय में उपयोग किए जाने वाले अधिकांश यात्री विमान विशेष सुरक्षा मानकों के तहत तैयार किए जाते हैं। इनका ढांचा इस प्रकार डिजाइन किया जाता है कि बिजली का प्रभाव विमान के बाहरी हिस्से तक सीमित रहे और वह यात्रियों या आंतरिक प्रणालियों को गंभीर नुकसान न पहुंचा सके।
विमानन विशेषज्ञ बताते हैं कि आधुनिक विमान "फैराडे केज" सिद्धांत पर आधारित सुरक्षा प्रणाली से लैस होते हैं। जब बिजली विमान से टकराती है, तो उसका विद्युत प्रवाह विमान की बाहरी सतह से होकर गुजरता है और दूसरे छोर से बाहर निकल जाता है। इससे विमान के अंदर मौजूद यात्री और चालक दल सुरक्षित बने रहते हैं। यही कारण है कि दुनियाभर में हर वर्ष अनेक विमान उड़ान के दौरान बिजली गिरने की घटनाओं का सामना करते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में यात्रियों को इसकी जानकारी तक नहीं हो पाती।
हालांकि बिजली गिरने के बाद विमान को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने से पहले उसकी विस्तृत तकनीकी जांच की जाती है। विशेषज्ञ इंजीनियर विमान की बाहरी सतह, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, संचार प्रणाली, सेंसर और अन्य महत्वपूर्ण प्रणालियों का परीक्षण करते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उड़ान संचालन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़ा हो।
कोलकाता की घटना में भी एयरलाइन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित विमान को तत्काल जांच के लिए रोक दिया। इसके बाद यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई और उन्हें दूसरे विमान से उनके गंतव्य तक भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद विमानन क्षेत्र में एक बार फिर आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की विश्वसनीयता चर्चा का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि उन्नत इंजीनियरिंग और कड़े सुरक्षा मानकों की वजह से आज हवाई यात्रा दुनिया के सबसे सुरक्षित परिवहन माध्यमों में गिनी जाती है। कोलकाता एयरपोर्ट पर हुई यह घटना भी इसी बात का उदाहरण है कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी आधुनिक विमान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम हैं।
एयरपोर्ट अधिकारियों और एयरलाइन प्रबंधन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। घटना के बाद विमान की तकनीकी जांच जारी है तथा विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

