उज्ज्वला योजना में बड़ा बदलाव,अब साल में केवल 4 गैस रिफिल पर मिलेगी सब्सिडी।

 उज्ज्वला योजना में बड़ा बदलाव,अब साल में केवल 4 गैस रिफिल पर मिलेगी सब्सिडी।

पहले 12, फिर 9 और अब 4 सब्सिडीयुक्त रिफिल तक सीमित हुआ लाभ,सरकार ने बढ़ते वित्तीय बोझ और कम औसत खपत को बताया वजह।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली एलपीजी सब्सिडी में बड़ा बदलाव करते हुए सब्सिडीयुक्त गैस रिफिल की संख्या को घटाकर सालाना 4 कर दिया है। इस फैसले के बाद देशभर के करोड़ों उज्ज्वला लाभार्थियों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। पिछले लगभग एक दशक में मोदी सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में यह एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार उज्ज्वला योजना की शुरुआत के समय पात्र परिवारों को साल में 12 गैस रिफिल तक सब्सिडी का लाभ मिलता था। बाद के वर्षों में इस संख्या को घटाकर 9 कर दिया गया था। अब सरकार ने एक और निर्णय लेते हुए सब्सिडी वाले रिफिल की संख्या को 9 से घटाकर केवल 4 कर दिया है। हालांकि लाभार्थी आवश्यकता अनुसार इससे अधिक सिलेंडर खरीद सकेंगे, लेकिन उन्हें अतिरिक्त सिलेंडरों के लिए बाजार मूल्य का भुगतान करना होगा।

सरकार का कहना है कि उज्ज्वला योजना के अधिकांश लाभार्थियों की औसत वार्षिक खपत चार सिलेंडरों के आसपास पाई गई है। इसी आधार पर सब्सिडी को वास्तविक उपयोग के अनुरूप सीमित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में वृद्धि और सब्सिडी पर बढ़ते वित्तीय भार को भी इस फैसले का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से सरकार के राजकोषीय व्यय में कमी आएगी, लेकिन ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के उन परिवारों की चिंता बढ़ सकती है जिनकी गैस खपत औसत से अधिक है। ऐसे परिवारों को अब अतिरिक्त सिलेंडरों के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ सकती है।

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सब्सिडी दी जाती है। पहले जहां 9 रिफिल तक सब्सिडी मिलने पर एक परिवार को सालाना 2700 रुपये तक का लाभ प्राप्त हो सकता था, वहीं अब अधिकतम 1200 रुपये की सब्सिडी ही मिल सकेगी। इस प्रकार प्रति परिवार वार्षिक सब्सिडी लाभ में लगभग 1500 रुपये की कमी आ जाएगी।

सरकार का दावा है कि योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है और यह उद्देश्य अभी भी जारी रहेगा। वहीं विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि महंगाई के दौर में सब्सिडी में कटौती से गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

उज्ज्वला योजना देश की सबसे बड़ी सामाजिक कल्याण योजनाओं में से एक है, जिसके तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे में सब्सिडी संबंधी इस नए बदलाव पर देशभर में चर्चा तेज हो गई है और आने वाले समय में इसके प्रभावों पर सभी की नजर बनी रहेगी।



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