विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक,जनसेवा,साहस और संवेदनशीलता की मिसाल।
उत्तराखंड आपदा में हेलीकॉप्टर से पहुंचकर क्षेत्रवासियों की बचाई जान,वर्षों से जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सरोकारों में निभा रहे अग्रणी भूमिका।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय सत्येंद्र पाठक केवल एक जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि जनसेवा, संवेदनशीलता और सहयोग की जीवंत मिसाल बन चुके हैं। अपने क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने वाले विधायक पाठक को क्षेत्र की जनता एक ऐसे जनसेवक के रूप में देखती है, जो पद से अधिक सेवा को महत्व देते हैं। यही कारण है कि वे स्वयं को विधायक नहीं बल्कि क्षेत्र का प्रधान सेवक मानते हैं और हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहने का प्रयास करते हैं।
विजयराघवगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे कटनी जिले और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता ने उन्हें जनता के बीच एक अलग पहचान दिलाई है।
वर्ष 2013 में उत्तराखंड में आई भीषण प्राकृतिक आपदा देश की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक मानी जाती है। उस समय अचानक बादल फटने, तेज बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियों ने हजारों लोगों को संकट में डाल दिया था। कई लोग तीर्थयात्रा और पर्यटन के दौरान पहाड़ी इलाकों में फंस गए थे और उनकी जान पर बन आई थी। पूरा क्षेत्र भय और अनिश्चितता के माहौल में घिर गया था।
इसी दौरान विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के तीन लोग भी उत्तराखंड की उसी आपदा में फंस गए थे। संकट की घड़ी में उन्होंने अपने विधायक संजय सत्येंद्र पाठक को फोन कर मदद की गुहार लगाई और अपनी जान बचाने की अपील की। जब यह सूचना विधायक पाठक तक पहुंची तो उन्होंने बिना देर किए तुरंत राहत कार्य की योजना बनानी शुरू कर दी।
बताया जाता है कि उस समय कई लोगों ने उन्हें चेतावनी दी कि उत्तराखंड की स्थिति बेहद खतरनाक है और वहां जाना जोखिम भरा हो सकता है। लेकिन विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब उनके क्षेत्र के लोग संकट में फंसे हुए हैं तो उनका वहां जाना उनका कर्तव्य है।
इसी भावना के साथ उन्होंने अपना हेलीकॉप्टर तैयार करवाया और उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए। कठिन परिस्थितियों और लगातार जारी आपदा के बीच उन्होंने वहां पहुंचकर राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। सबसे पहले उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के उन तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और बाद में उन्हें सकुशल उनके घर तक पहुंचाया।
बताया जाता है कि इस दौरान उन्होंने केवल अपने क्षेत्र के लोगों की ही मदद नहीं की, बल्कि वहां फंसे करीब दो सौ से अधिक अन्य लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकालने में सहयोग किया। राहत कार्य के दौरान उन्होंने लोगों के लिए भोजन, पानी और आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था भी करवाई ताकि संकट में फंसे लोगों को तत्काल राहत मिल सके।
यह घटना केवल एक उदाहरण है, जो विधायक संजय सत्येंद्र पाठक की सेवा भावना और साहस को दर्शाती है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वे केवल चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि हर समय जनता के बीच सक्रिय रहते हैं और जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत रूप से भी सहायता करने से पीछे नहीं हटते।
विधायक श्री पाठक की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि उनके निवास से कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खाली हाथ वापस नहीं लौटता। चाहे किसी गरीब परिवार को आर्थिक सहायता की आवश्यकता हो, किसी बीमार व्यक्ति के इलाज की व्यवस्था करनी हो या फिर किसी सामाजिक कार्य में सहयोग देना हो, वे हर संभव मदद करने का प्रयास करते हैं।
समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के प्रति उनकी विशेष संवेदनशीलता देखने को मिलती है। क्षेत्र में कई ऐसे परिवार हैं जिनकी बेटियों के विवाह में उन्होंने सहयोग प्रदान किया है। अनेक जरूरतमंद परिवारों के लिए उन्होंने विवाह की व्यवस्था कराई और उन्हें सामाजिक सम्मान के साथ नई शुरुआत करने में मदद की। यह सिलसिला वर्षों से जारी है और आज भी वे इस प्रकार के सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
इसके अलावा किसी गरीब परिवार पर अचानक संकट आने की स्थिति में भी विधायक संजय सत्येंद्र पाठक मदद के लिए आगे आते हैं। कई बार ऐसी परिस्थितियां सामने आई हैं जब उन्होंने आर्थिक सहायता, इलाज या अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कर जरूरतमंद परिवारों की मदद की है।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि विधायक श्री पाठक केवल विकास कार्यों तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समान रूप से निभाते हैं। यही कारण है कि उन्हें जनता का व्यापक समर्थन और सम्मान प्राप्त है।
जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह भी है कि वे लोगों से सीधे संवाद बनाए रखते हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं। क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी दोनों ही वर्गों के लोग उन्हें अपने बीच का प्रतिनिधि मानते हैं।
वर्षों से लगातार जनसेवा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से उन्होंने जनता का विश्वास अर्जित किया है। लोगों का कहना है कि वे ऐसे जनप्रतिनिधि हैं जिन पर क्षेत्र की जनता को भरोसा है कि वे हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहेंगे।
जनता का विश्वास और आशीर्वाद ही उनके कार्यों की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। इसी विश्वास के बल पर वे लगातार क्षेत्र के विकास और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं।
जनसेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की इसी भावना के कारण विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक का नाम क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बन चुका है। क्षेत्र के लोग उन्हें एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में देखते हैं जो केवल पद पर नहीं बल्कि सेवा के भाव से कार्य करते हैं और यही कारण है कि जनता के बीच उन्हें सम्मान और स्नेह प्राप्त होता है।
