माता शबरी के जीवन से प्रेरणा ले युवा पीढ़ी-अशोक विश्वकर्मा।
नशे से दूर रहकर शिक्षा पर दें विशेष जोर,कोल ट्राइब फाउंडेशन द्वारा शबरी जयंती पर भंडारा एवं प्रसाद वितरण।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
भक्त शिरोमणि माता शबरी जयंती के पावन अवसर पर कोल ट्राइब फाउंडेशन के तत्वावधान में ग्राम झुरही टोला स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में भव्य भंडारा एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, आस्था और सामाजिक एकता के भाव के साथ किया गया। आयोजन में आसपास के ग्रामों सहित जिलेभर से आए आदिवासी समाज के महिला-पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा धार्मिक वातावरण में भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने सर्वप्रथम शबरी माता मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर समाज और जिले की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने समीप स्थित भगवान भोलेनाथ के प्राचीन मंदिर में मत्था टेककर प्रदेश और राष्ट्र की उन्नति के लिए प्रार्थना की। अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत कर उन्हें अंगवस्त्र एवं पुष्पमाला भेंट की गई।
अपने उद्बोधन में श्री विश्वकर्मा ने कहा कि माता शबरी का जीवन त्याग, तपस्या, श्रद्धा और अटूट भक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि माता शबरी ने भगवान राम के प्रति जिस समर्पण और धैर्य का परिचय दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि सच्ची निष्ठा और धैर्य से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान करते हुए कहा कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहें और शिक्षा को अपना सबसे बड़ा साधन बनाएं। शिक्षित युवा ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं और अपने परिवार तथा समुदाय का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज में अपार प्रतिभा और क्षमता है, आवश्यकता केवल उसे सही मार्गदर्शन और अवसर देने की है। समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और साथ ही अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। ग्राम, शहर और जिले के समग्र विकास के लिए प्रत्येक नागरिक का संकल्पित होना आवश्यक है। राष्ट्र निर्माण में हर व्यक्ति की भागीदारी महत्वपूर्ण है और सामाजिक समरसता ही विकास की आधारशिला है।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों ने भी माता शबरी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए समाज में शिक्षा, संस्कार और संगठन की महत्ता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से परिचित कराते हैं।
इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष श्रीराम पटेल, भाजपा नेता विजय दुबे, सरपंच छुट्टू कोल, नीरज पांडे, नरेश बजाज, विनोद बड़गैंया सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने समाज की एकजुटता की सराहना करते हुए आयोजन की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में सूरज प्रसाद कोल, अजय कोल, घूमनदास कोल, मूलचंद कोल, नरेश कोल, बलराम कोल, रवि कोल, अर्जुन कोल, राकेश कोल, सोनू कोल, अच्छेलाल कोल, रुद्रदत्त पांडे, शिवप्रकाश चक्रवर्ती सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
आयोजन के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर माता शबरी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और सौहार्द का वातावरण बना रहा। आयोजकों ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।
