विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने विधानसभा में उठाई उबरा,मनघटा,धवैया सड़क निर्माण की मांग।
बजट सत्र में याचिका के माध्यम से शासन से शीघ्र स्वीकृति का अनुरोध,50 किलोमीटर का चक्कर घटकर 15 किलोमीटर होने की उम्मीद।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित और वर्षों पुरानी मांग को प्रभावी ढंग से सदन में उठाया। उन्होंने याचिका के माध्यम से ग्राम पंचायत उबरा से मनघटा होते हुए धवैया तक सीधी सड़क निर्माण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला और विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया। विधायक ने जनहित को सर्वोपरि बताते हुए इस मार्ग के निर्माण को शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया।
बरही तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम मनघटा, धवैया और आसपास के कई गांवों के निवासियों को गैरतलाई क्षेत्र की ओर जाने के लिए वर्तमान में बरही नगर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। प्रतिदिन स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं, मंडियों तक पहुंचने वाले किसान, छोटे व्यापारी तथा आम नागरिकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां सीधी दूरी 15 से 20 किलोमीटर के बीच हो सकती है, वहां मार्ग के अभाव में 50 किलोमीटर तक का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि ईंधन और परिवहन लागत भी दोगुनी से अधिक हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कच्चे और जर्जर रास्तों के कारण फिसलन, कीचड़ और जलभराव से आवागमन बाधित होता है। कई बार छोटे वाहन बीच रास्ते में फंस जाते हैं, जिससे लोगों को पैदल ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे हालात में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो जाता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए यह समस्या जीवन-मरण का प्रश्न बन जाती है।
यदि उबरा से मनघटा होते हुए धवैया तक पक्की सड़क का निर्माण हो जाता है तो दूरी घटकर लगभग 15 किलोमीटर रह जाएगी। इससे ग्रामीण अंचल की तस्वीर बदल सकती है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले इस क्षेत्र में ट्रैक्टर, थ्रेसर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों का सुगम आवागमन संभव होगा। फसल कटाई के मौसम में किसानों को अपने उत्पाद मंडी तक पहुंचाने में आसानी होगी और परिवहन लागत कम होने से उन्हें बेहतर लाभ मिल सकेगा।
छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारियों को भी इस सड़क से सीधा फायदा होगा। दैनिक उपयोग की वस्तुएं, निर्माण सामग्री, खाद-बीज और अन्य आवश्यक सामान अब कम समय में गांवों तक पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय बाजारों में गतिविधियां बढ़ेंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हो सकते हैं, क्योंकि सड़क संपर्क बेहतर होने से बाहरी निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
विधायक पाठक ने सदन में यह भी उल्लेख किया कि सड़क केवल परिवहन का साधन नहीं होती, बल्कि विकास की धुरी होती है। सड़क बनने से शिक्षा संस्थानों तक छात्रों की पहुंच आसान होती है। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर मिल पाता है। शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होता है, जिससे समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के नागरिक लंबे समय से इस सड़क की मांग कर रहे हैं। कई बार स्थानीय स्तर पर ज्ञापन और मांग पत्र भी दिए गए, किंतु अब जब यह विषय विधानसभा में औपचारिक रूप से उठाया गया है तो लोगों को उम्मीद है कि शासन स्तर पर सकारात्मक और ठोस निर्णय लिया जाएगा। विधायक श्री पाठक ने शासन से आग्रह किया कि तकनीकी सर्वेक्षण कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार किया जाए और आवश्यक बजट प्रावधान कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए।
ग्रामीणों ने विधायक संजय सत्येंद्र पाठक द्वारा उठाए गए इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि यह सड़क बन जाती है तो क्षेत्र की दशा और दिशा दोनों बदल सकती हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार सभी क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या में भी कमी आ सकती है।
अब निगाहें शासन के निर्णय पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है और समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू होता है तो उबरा, मनघटा, धवैया सहित आसपास के गांवों के लिए यह सड़क विकास की नई राह साबित होगी। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर शासन संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र कार्रवाई करेगा और वर्षों पुरानी मांग को मूर्त रूप देगा।
