वन संरक्षण और जनसहभागिता की दिशा में अहम पहल:उमरिया पान में चरवाहा समिति सदस्यों का सम्मेलन संपन्न।

 वन संरक्षण और जनसहभागिता की दिशा में अहम पहल:उमरिया पान में चरवाहा समिति सदस्यों का सम्मेलन संपन्न।

वन मण्डलाधिकारी कटनी के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में एसडीओ सुरेश बरोले और रेंजर अजय मिश्रा ने वन सुरक्षा,अतिक्रमण रोकथाम एवं शासन की कल्याणकारी योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी।

उमरिया पान,ग्रामीण खबर MP।

 वन संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और स्थानीय समुदाय की सहभागिता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 21 फरवरी 2026 को निस्तार डिपो उमरिया पान में चरवाहा समिति एवं अन्य संबंधित समितियों का विस्तृत सम्मेलन आयोजित किया गया। यह आयोजन वन मण्डलाधिकारी कटनी सामान्य के निर्देशानुसार संपन्न हुआ, जिसमें एसडीओ कटनी सुरेश बरोले एवं रेंजर अजय मिश्रा की विशेष उपस्थिति रही।

सम्मेलन का उद्देश्य वन क्षेत्र में मुख्यबीर तंत्र को मजबूत करना, चरवाहा समुदाय को वन संरक्षण के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार बनाना तथा वन विभाग और ग्रामीणों के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चरवाहा समिति के सदस्य, ग्रामीणजन तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत वन संपदा के महत्व और पर्यावरण संतुलन में वनों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए की गई। अधिकारियों ने बताया कि वन न केवल प्राकृतिक संसाधनों का आधार हैं, बल्कि जलवायु संतुलन, वर्षा चक्र, जैव विविधता संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। यदि वन सुरक्षित रहेंगे तो ही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन संरक्षित रह पाएंगे।

सम्मेलन में वन्य प्राणियों के संरक्षण पर भी विशेष चर्चा की गई। बताया गया कि वन्य जीव पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे वन्य प्राणियों को नुकसान न पहुंचाएं तथा किसी भी प्रकार की अवैध शिकार या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।

अवैध अतिक्रमण को वन क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण से न केवल वन क्षेत्र सिकुड़ता है, बल्कि जैव विविधता और वन्य प्राणियों के प्राकृतिक आवास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। चरवाहा समिति के सदस्यों से अपेक्षा की गई कि वे अपने क्षेत्र में सतर्क रहकर वन भूमि की सुरक्षा में सहयोग करें।

वन अग्नि की रोकथाम पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि गर्मी के मौसम में छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। सूखी घास, पत्तियां और ज्वलनशील पदार्थ आग को तेजी से फैलाते हैं। इसलिए ग्रामीणों से आग्रह किया गया कि वे जंगल में आग न जलाएं, बीड़ी-सिगरेट जैसी वस्तुएं सावधानी से उपयोग करें और आग लगने की स्थिति में तत्काल विभाग को सूचित करें।

कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश शासन के वन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। कृषि समृद्धि योजना के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने, एकलव्य योजना के तहत समुदाय को प्रोत्साहन देने, वन्य प्राणियों द्वारा फसल नुकसान की स्थिति में मुआवजा प्रदान करने, पशु हानि एवं जनहानि पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समय पर आवेदन और आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ शीघ्र मिल सकता है।

एसडीओ सुरेश बरोले ने अपने संबोधन में कहा कि वन विभाग अकेले वन संरक्षण का कार्य सफलतापूर्वक नहीं कर सकता, इसके लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने चरवाहा संघ एवं समिति सदस्यों से संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि विभागीय स्तर पर उचित समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वन संरक्षण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है।

रेंजर अजय मिश्रा ने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि समय पर सूचना और सतर्कता से कई संभावित अपराधों और नुकसान को रोका जा सकता है। उन्होंने सभी से अपील की कि वन क्षेत्र में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें।

सम्मेलन में परिक्षेत्र सहायक उमरिया पान, बँधी, सहलावन पिपरिया, खमतरा, खमरिया और सैलारपुर के कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से वन संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और ग्रामीणों से निरंतर सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।

कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि वन और वन्य संपदा की रक्षा केवल कानून से नहीं, बल्कि जागरूक समाज और सहभागी दृष्टिकोण से संभव है। इस प्रकार का सम्मेलन वन विभाग और ग्रामीण समुदाय के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग की मजबूत कड़ी साबित हो रहा है। क्षेत्र में वन संरक्षण, अतिक्रमण रोकथाम और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में यह पहल एक सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।

ग्रामीण खबर MP-
जनमानस की निष्पक्ष आवाज
प्रधान संपादक:अज्जू सोनी। संपर्क:9977110734

Post a Comment

Previous Post Next Post