श्रीकृष्ण-सुदामा की अमर मित्रता से भावविभोर हुआ गोपालपुर,कथा सुनकर भक्तों की आंखें हुई नम।
कथावाचक ब्रज कृष्ण भूषण जी महाराज ने सुनाई करुणा,स्नेह और समर्पण की अनुपम कथा,जनप्रतिनिधियों व सैकड़ों श्रद्धालुओं की रही गरिमामयी उपस्थिति।
सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।
गोपालपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम सखा सुदामा की मार्मिक कथा ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा व्यास ब्रज कृष्ण भूषण जी महाराज ने अत्यंत सरल, मधुर और हृदयस्पर्शी शैली में भगवान श्रीकृष्ण और गरीब ब्राह्मण सुदामा की अटूट मित्रता का वर्णन किया, जिसे सुनकर पंडाल में उपस्थित अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
कथावाचक ने बताया कि सच्ची मित्रता पद, प्रतिष्ठा और संपत्ति की मोहताज नहीं होती। द्वारिकाधीश भगवान श्रीकृष्ण ने अपने निर्धन मित्र सुदामा का जिस प्रकार प्रेम और आदर के साथ स्वागत किया, वह मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि सुदामा ने कभी भी अपने मित्र से कुछ मांगा नहीं, लेकिन भगवान ने उनकी निस्वार्थ भक्ति और प्रेम को समझते हुए उन्हें तीनों लोकों का सुख और समृद्धि प्रदान की।
कथा के दौरान जब महाराज जी ने वह प्रसंग सुनाया, जिसमें श्रीकृष्ण स्वयं द्वार पर दौड़कर सुदामा को गले लगाते हैं और उनके चरण धोते हैं, तो वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूब गए। पूरा पंडाल “राधे-श्याम” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर जिला मंत्री डॉक्टर प्रशांत राय, मोती हल्दकार, विजय राय, गणेश राय एवं सोहन सिंह बागरी ने कथा व्यास का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसी आध्यात्मिक कथाएं समाज में नैतिक मूल्यों, प्रेम और भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करती हैं।
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष मोहन सिंह बागरी, अर्चना प्रवीण तिवारी, कोढ़ी पटेल, अंकुल वैष्णव, मीना मोहन बागरी, अरविंद तिवारी सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समापन पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का यह आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर रहा है और समाज को प्रेम, त्याग एवं सच्ची मित्रता का संदेश दे रहा है।
