श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाहोत्सव में झूमे श्रद्धालु,फूलों की वर्षा के बीच धूमधाम से हुआ आयोजन।

 श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाहोत्सव में झूमे श्रद्धालु,फूलों की वर्षा के बीच धूमधाम से हुआ आयोजन।

गोपालपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन सजी दिव्य झांकी,संत 1008 बच्चू महाराज का आगमन,जनप्रतिनिधियों ने किया कथावाचक का सम्मान।

सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।

 गोपालपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान श्रीकृष्ण–रुक्मणी विवाहोत्सव का आयोजन अत्यंत धूमधाम और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। विवाह की मनोहारी झांकी और वरमाला के समय हुई पुष्पवर्षा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।

कथावाचक ब्रज भूषण शास्त्री जी ने महारास प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि महारास के पांच अध्याय हैं और उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण माने गए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी भक्त इन गीतों को भावपूर्वक गाता है, वह भवसागर से पार हो जाता है और उसे सहज ही वृंदावन की भक्ति प्राप्त होती है। महारास लीला जीवात्मा और परमात्मा के दिव्य मिलन का प्रतीक है।

कथा के दौरान श्रीकृष्ण द्वारा 16 हजार कन्याओं से विवाह कर उन्हें सामाजिक सम्मान देने की लीला का भी वर्णन किया गया। श्रीकृष्ण–रुक्मणी विवाह प्रसंग पर व्याख्यान देते हुए शास्त्री जी ने बताया कि रुक्मणी के भाई ने उनका विवाह शिशुपाल से तय किया था, किंतु रुक्मणी ने संकल्प लिया कि वे केवल सत्य और धर्म के प्रतीक श्रीकृष्ण को ही पति रूप में वरण करेंगी। उन्होंने शिशुपाल को असत्य मार्गी और श्रीकृष्ण को सत्य मार्ग का प्रतीक बताते हुए कहा कि अंततः द्वारिकाधीश भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मणी के अटल संकल्प को पूर्ण किया और उन्हें अपने साथ द्वारका ले गए।

विवाहोत्सव के दौरान श्रीकृष्ण–रुक्मणी की वरमाला होते ही श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर आनंदोत्सव मनाया। पूरा कथा स्थल जयकारों और भजनों से गूंज उठा।

इस अवसर पर संत श्री 1008 बच्चू महाराज जी का आगमन हुआ। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कथा के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य कविता पंकज राय, सरपंच मोहन सिंह बागरी, सरपंच अर्चना प्रवीण तिवारी, कोढ़ी लाल पटेल, जनपद पंचायत सदस्य निरंजन खटीक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कथावाचक का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

इसके अलावा सरपंच मीना मोहन बागरी, मंडल उपाध्यक्ष अरविंद तिवारी, सदन तिवारी, सोहन बागरी, कमल बर्मन, अन्नू पाल, कमल बागरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

श्रीमद्भागवत कथा के इस भव्य आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ किया। श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान कर स्वयं को धन्य महसूस किया और विवाहोत्सव की दिव्यता को जीवन की अमूल्य स्मृति बताया।

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