ऑपरेशन मुस्कान में ढीमरखेड़ा पुलिस की उल्लेखनीय कामयाबी,दिल्ली से नाबालिग बालिका को सकुशल लाकर सौंपा परिजनों को।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई;दो दिन के भीतर तकनीकी व मानवीय प्रयासों से खोज पूरी।
ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर MP।
जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत थाना ढीमरखेड़ा पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए लापता नाबालिग बालिका को दिल्ली से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस सफल कार्रवाई से न केवल परिवार को राहत मिली, बल्कि पुलिस की सक्रिय कार्यप्रणाली पर आमजन का विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।
प्रकरण के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 17 फरवरी 2026 को ग्राम सारंगपुर निवासी एक व्यक्ति ने थाना ढीमरखेड़ा पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग पुत्री बिना किसी को बताए घर से कहीं चली गई है और काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 100/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालिका की खोजबीन प्रारंभ कर दी।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और संभावित संपर्क सूत्रों की बारीकी से जांच की। साथ ही स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए विभिन्न संभावित स्थानों पर सतत पतासाजी की गई।
जांच के दौरान प्राप्त तकनीकी संकेतों के आधार पर टीम को यह जानकारी मिली कि बालिका दिल्ली में हो सकती है। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित समन्वय स्थापित करते हुए दिल्ली के संबंधित क्षेत्रों में तलाश अभियान चलाया। लगातार प्रयासों और सतर्क निगरानी के परिणामस्वरूप दिनांक 19 फरवरी 2026 को बालिका को दिल्ली से सकुशल दस्तयाब कर लिया गया।
दस्तयाबी के पश्चात बालिका को आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित संरक्षण में लिया गया तथा समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बालिका के सकुशल मिलने से परिवारजनों में खुशी का माहौल है और उन्होंने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे, प्रधान आरक्षक मनोज ठाकुर एवं आरक्षक अमित शुक्ला की विशेष भूमिका रही। टीम के समन्वित प्रयास, त्वरित निर्णय क्षमता और संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण यह सफलता संभव हो सकी।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत नाबालिग बच्चों की खोज एवं पुनर्वास के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी क्षेत्र में कोई बालक या बालिका संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
