उमरिया पान में आस्था का जनसैलाब,श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया महाशिवरात्रि महापर्व।
भव्य शिव-बारात,रुद्राभिषेक,अखंड रामायण पाठ और रात्रि जागरण से गूंजा क्षेत्र,धार्मिक उत्साह के बीच सामाजिक समरसता का संदेश।
उमरिया पान,ग्रामीण खबर MP।
उमरिया पान सहित आसपास के समूचे ग्रामीण अंचल में महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष अद्भुत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिरों में घंटियों की मधुर ध्वनि, शंखनाद और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई थी। नगर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे सभी पारंपरिक वेशभूषा में भगवान शिव के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। पूरे दिन मंदिर परिसरों में पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा।
कटरा बाजार स्थित अनुराग रामायण मंडल के तत्वावधान में भगवान शिव-पार्वती की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने नगरवासियों का मन मोह लिया। आकर्षक झांकियों से सुसज्जित शिव-बारात में भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और डीजे की भक्तिमय धुनों पर युवा नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे। शोभायात्रा बड़ी माई मंदिर, झंडा चौक, बस स्टैंड, आजाद चौक सहित नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए निकली। मार्ग में अनेक स्थानों पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने शिव-बारात का स्वागत किया। व्यापारियों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा जगह-जगह शीतल पेय जल और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई थी।
क्षेत्र के शिव मंदिरों में दिनभर रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक और बिल्वपत्र अर्पण का क्रम चलता रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा विशेष पूजन-अर्चना संपन्न कराई गई। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर भगवान शिव से सुख-समृद्धि, आरोग्य और पारिवारिक मंगल की कामना की। कई मंदिरों में शिव-पार्वती विवाह की प्रतीकात्मक झांकी सजाई गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। विवाह उत्सव के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मंगल गीत गाए गए, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
उमरिया पान के साथ-साथ पचपेड़ी, परसवारा, पिपरिया, बम्हनी, महनेर, ढीमरखेड़ा, खमतरा, दसरमन और सिलौंडी सहित आसपास के गांवों में अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से पाठ में भाग लिया। रात्रि में भजन मंडलियों द्वारा शिव भक्ति गीतों और स्तुति भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां दी गईं। रात्रि जागरण के दौरान भक्तों ने शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र और अन्य स्तोत्रों का सामूहिक पाठ किया। पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया।
महाशिवरात्रि के अवसर पर सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने मिलकर प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन भी किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन के दौरान पुलिस एवं प्रशासन की ओर से भी शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए, जिससे कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक है। यह पर्व संयम, साधना और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। श्रद्धालु इस दिन उपवास, रात्रि जागरण और शिवलिंग पर जल, दूध तथा बेलपत्र अर्पित कर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई आराधना से भगवान शिव भक्तों के सभी कष्ट हर लेते हैं और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर उमरिया पान और आसपास के क्षेत्रों में जिस प्रकार श्रद्धालुओं की सहभागिता और उत्साह देखने को मिला, वह क्षेत्र की धार्मिक चेतना और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। विभिन्न गांवों और मोहल्लों से आए लोगों ने मिलकर आयोजन को सफल बनाया। युवाओं की सक्रिय भागीदारी और बुजुर्गों के मार्गदर्शन ने इस पर्व को और भी गरिमामय बना दिया।
इस प्रकार महाशिवरात्रि का महापर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक सद्भाव, एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का माध्यम भी सिद्ध हुआ। उमरिया पान सहित पूरा क्षेत्र देर रात तक भक्ति, उत्साह और उल्लास के रंग में रंगा रहा।
