विधायक संजय पाठक सहित जिले के सभी विधायकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में शिक्षा,स्वास्थ्य,पेयजल,सड़क और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की गहन समीक्षा,गुणवत्ता,पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर।

 विधायक संजय पाठक सहित जिले के सभी विधायकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में शिक्षा,स्वास्थ्य,पेयजल,सड़क और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की गहन समीक्षा,गुणवत्ता,पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर।

खनिज प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार: जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास मंडल की विस्तृत समीक्षा बैठक संपन्न।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) के अंतर्गत गठित न्यास मंडल की एक महत्वपूर्ण और विस्तृत बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई, जिसमें खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक, मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल, बहोरीबंद विधायक प्रणय पाण्डे, बड़वारा विधायक धीरेन्द्र सिंह, कलेक्टर आशीष तिवारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत खनिज प्रभावित क्षेत्रों में वर्तमान में संचालित विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने से हुई। अधिकारियों द्वारा विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति, स्वीकृत राशि, व्यय प्रगति तथा शेष कार्यों की जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। जनप्रतिनिधियों ने प्रत्येक बिंदु पर गंभीरता से चर्चा करते हुए यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि जिला खनिज प्रतिष्ठान की राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जनहित की प्राथमिकताओं के अनुरूप किया जाए।

बैठक में शिक्षा क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता देने पर सहमति व्यक्त की गई। खनिज प्रभावित ग्रामों में स्कूल भवनों के निर्माण, अतिरिक्त कक्षों की व्यवस्था, प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण, शौचालय एवं पेयजल सुविधाओं के विस्तार तथा डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही क्षेत्र के समग्र विकास की आधारशिला है, इसलिए विद्यालयीन अधोसंरचना को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया। अस्पतालों में आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्टाफ की तैनाती, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। यह भी कहा गया कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति समय पर की जाए।

पेयजल एवं स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। खनिज प्रभावित ग्रामों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, नल-जल योजनाओं के विस्तार, जल संरचनाओं के निर्माण एवं मरम्मत तथा जल संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए आवश्यक कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

सड़क एवं आधारभूत संरचना के विकास को लेकर भी गंभीर विमर्श हुआ। खनिज परिवहन से प्रभावित मार्गों की मरम्मत, आंतरिक ग्रामीण सड़कों के निर्माण, पुल-पुलियों की स्वीकृति तथा आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी आसान होगी।

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण एवं उन्नयन, पोषण सेवाओं की प्रभावी निगरानी तथा महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्यक्रमों को मजबूती प्रदान की जाए। खनिज प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक बताया गया।

समीक्षा के दौरान सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि स्वीकृत परियोजनाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, स्थल निरीक्षण और प्रगति की समय-समय पर समीक्षा सुनिश्चित की जाए। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्यों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने तथा शिकायत निवारण तंत्र को सक्रिय रखने पर भी बल दिया गया।

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जिला खनिज प्रतिष्ठान की निधि का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि खनिज प्रभावित क्षेत्रों के जीवन स्तर में ठोस सुधार लाना है। इसलिए योजनाओं का चयन करते समय स्थानीय आवश्यकताओं, जनभावनाओं और दीर्घकालीन लाभ को ध्यान में रखा जाए। प्राथमिकता वाले कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण कर आमजन को शीघ्र लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के समापन पर सभी जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प व्यक्त किया कि खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। जिला खनिज प्रतिष्ठान के माध्यम से संचालित योजनाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाममुखी बनाते हुए क्षेत्रवासियों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और क्षेत्र के समग्र उत्थान का मार्ग प्रशस्त हो सके।

ग्रामीण खबर MP-
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