विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक के हस्तक्षेप से कुटेश्वर लाइमस्टोन माइंस में समाधान की राह,15 दिनों में मांगें पूरी करने पर सहमति।
गैरतलाई स्थित SAIL उपक्रम में हड़तालरत,श्रमिकों से संवाद कर विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने प्रबंधन के साथ की विस्तृत चर्चा।
विजयराघवगढ़,ग्रामीण खबर MP।
जनविश्वास को सर्वोपरि मानते हुए विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने एक बार फिर क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। क्षेत्रीय प्रवास के दौरान वे गैरतलाई स्थित SAIL उपक्रम की कुटेश्वर लाइमस्टोन माइंस पहुँचे, जहाँ ठेका परिवर्तन के बाद वेतन भुगतान सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर श्रमिक हड़ताल पर बैठे थे। श्रमिकों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और सीधे श्रमिकों के बीच बैठकर उनकी बात सुनी।
माइंस परिसर में श्रमिकों ने विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक के समक्ष वेतन भुगतान में हो रही देरी, ठेका परिवर्तन के बाद उत्पन्न प्रशासनिक असमंजस, सेवा शर्तों में स्पष्टता की कमी तथा अन्य लंबित मांगों को विस्तार से रखा। श्रमिकों ने कहा कि ठेका परिवर्तन के पश्चात कई कर्मचारियों को समय पर भुगतान नहीं मिल पाया, जिससे उनके परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस पर विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि उनकी प्रत्येक जायज मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा और समाधान के लिए वे स्वयं पहल करेंगे।
विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने कहा कि किसी भी औद्योगिक इकाई की रीढ़ उसके श्रमिक होते हैं। यदि श्रमिक असंतुष्ट रहेंगे तो उत्पादन और विकास की गति प्रभावित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों का सम्मान, उनके अधिकारों की रक्षा और समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने श्रमिकों से संयम बनाए रखने और सकारात्मक समाधान की दिशा में सहयोग करने का आग्रह भी किया।
श्रमिकों से संवाद के पश्चात विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। इस बैठक में वेतन भुगतान की वर्तमान स्थिति, लंबित देनदारियां, ठेका परिवर्तन से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर गंभीर चर्चा हुई। विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने प्रबंधन से स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान होना चाहिए और अनावश्यक विलंब से बचा जाए।
बैठक के दौरान सकारात्मक और सार्थक संवाद का वातावरण बना। विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक के हस्तक्षेप और समन्वय प्रयासों के परिणामस्वरूप पंद्रह दिनों के भीतर सभी प्रमुख मांगों के निराकरण पर सहमति बनी। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि वेतन भुगतान से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा तथा ठेका परिवर्तन से उत्पन्न समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाएगा।
विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं होता, बल्कि क्षेत्र के प्रत्येक वर्ग की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए तत्पर रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने दोहराया कि क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सर्वोच्च मानते हुए वे हर स्तर पर सक्रिय रहेंगे और किसी भी श्रमिक या नागरिक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि श्रम और श्रमिकों का सम्मान किसी भी संवेदनशील शासन की पहचान है। सरकार की नीति स्पष्ट है कि श्रमिकों के हितों की रक्षा की जाए और उद्योगों में समन्वय का वातावरण बना रहे। विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने भरोसा दिलाया कि यदि भविष्य में भी किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है तो वे स्वयं हस्तक्षेप कर समाधान सुनिश्चित करेंगे।
विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक की इस पहल से श्रमिकों में विश्वास का माहौल बना और हड़ताल के समाधान की दिशा में ठोस प्रगति हुई। श्रमिकों ने उनके हस्तक्षेप के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि तय समयसीमा में उनकी मांगों का समाधान होगा। क्षेत्रीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक की सक्रियता, संवेदनशीलता और त्वरित हस्तक्षेप की सराहना करते हुए इसे जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट किया है कि जब जनप्रतिनिधि सीधे संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से आगे आते हैं, तो जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान भी संभव हो जाता है। विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक की पहल क्षेत्र में श्रमिकों के हितों की रक्षा और औद्योगिक समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।








