सायना महाविद्यालय में “फीस्चरल्स-2026” का भव्य और रंगारंग शुभारंभ,10 दिवसीय आयोजन में 32 से अधिक प्रतियोगिताओं के जरिए निखरेगी विद्यार्थियों की प्रतिभा।
मुख्य अतिथि सीए सुशील कुमार शर्मा ने किया ध्वजारोहण व फीता काटकर उद्घाटन,पहले दिन मेहंदी,रंगोली और नेलआर्ट प्रतियोगिताएं संपन्न,रेड हाउस ने बनाई बढ़त।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
सायना इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, कटनी में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला बहुप्रतीक्षित वार्षिक सांस्कृतिक एवं खेल महोत्सव “फीस्चरल्स-2026” इस वर्ष भी उत्साह, ऊर्जा और उमंग के साथ प्रारंभ हुआ। महाविद्यालय परिसर में सुबह से ही विद्यार्थियों में विशेष उत्सुकता देखी गई। रंग-बिरंगी सजावट, हाउस बैनर, संगीत की मधुर ध्वनि और जोश से भरे छात्र-छात्राओं की मौजूदगी ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पधारे सीए सुशील कुमार शर्मा ने रेड एवं येलो हाउस के टीम लीडरों के साथ ध्वजारोहण कर आयोजन का शुभारंभ किया। ध्वजारोहण के पश्चात दोनों टीमों का परिचय सत्र आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने-अपने हाउस का उत्साहपूर्वक परिचय दिया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि द्वारा फीता काटकर “फीस्चरल्स-2026” की औपचारिक घोषणा की गई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अनुशासन, खेल भावना और रचनात्मकता के साथ भाग लेने की प्रेरणा दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सी. राजेश कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व के समग्र विकास से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि खेल, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियां विद्यार्थियों के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इन दस दिनों तक आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपनी छिपी प्रतिभा को मंच पर लाकर उसे निखारें।
कार्यक्रम संयोजक शरद यादव ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि “फीस्चरल्स-2026” का आयोजन 18 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान 32 से अधिक गतिविधियों को शामिल किया गया है, जिनमें खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, वाद-विवाद, भाषण, कविता पाठ, नाट्य मंचन, लोकनृत्य, एकल एवं समूह गायन, वादन, चित्रकला, रचनात्मक लेखन, सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम तथा क्षेत्रीय कला विधाओं पर आधारित प्रतियोगिताएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा की पहचान कर उसे मंच प्रदान करना है। अंतिम दिवस पर विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
आयोजन के प्रथम दिवस मेहंदी, रंगोली एवं नेलआर्ट प्रतियोगिताएं संपन्न हुईं। इन प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने विशेष उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी कलात्मक क्षमता का परिचय दिया। रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों का समन्वय प्रस्तुत किया। श्रेयांश मनवानी ने आकर्षक एवं सृजनात्मक प्रस्तुति के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि पूजा गंगवानी द्वितीय स्थान पर रहीं।
मेहंदी प्रतियोगिता में किरण बर्मन ने बारीक और सुंदर डिजाइन के माध्यम से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए प्रथम स्थान अर्जित किया, वहीं श्रद्धा नामदेव द्वितीय स्थान पर रहीं। नेलआर्ट प्रतियोगिता में नंदिनी जोतवानी ने नवीन शैली और रंग संयोजन के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा याशिका चांदवानी द्वितीय स्थान पर रहीं।
निर्णायक मंडल में श्रीनिवास सरावगी, महाविद्यालय कटनी की प्राचार्य डॉ. उषा पांडेय एवं स्नेहा निषाद उपस्थित रहीं। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, प्रस्तुति शैली एवं विषय की समझ के आधार पर अंक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में अपार संभावनाएं हैं और उचित मार्गदर्शन एवं मंच मिलने पर वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
पहले दिन की सभी प्रतियोगिताओं के अंकों को मिलाकर रेड हाउस ने बढ़त बनाते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि येलो हाउस भी कड़ी प्रतिस्पर्धा में बना हुआ है। हाउस प्रणाली के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और टीम भावना को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, सहायक प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में अनुशासन, उत्साह और सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम का संचालन त्रतिका जुगल एवं मनसा साहू द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया, जिन्होंने विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया।
फीस्चरल्स-2026 के शुभारंभ के साथ ही महाविद्यालय परिसर में उत्सव का वातावरण व्याप्त हो गया है। आगामी दिनों में खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक संध्याओं, साहित्यिक गतिविधियों एवं समूह प्रस्तुतियों को लेकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, नेतृत्व कौशल, समय प्रबंधन और सामाजिक सहभागिता को सुदृढ़ करने का प्रभावी मंच भी है।
महाविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। “फीस्चरल्स-2026” के माध्यम से सायना महाविद्यालय एक बार फिर यह संदेश दे रहा है कि शिक्षा के साथ-साथ प्रतिभा, संस्कार और संस्कृति का समन्वय ही वास्तविक विकास का आधार है।







