विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक ने विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया जनहित का मुद्दा,उरदानी-देवराखुर्द के बीच बहुप्रतीक्षित पुल निर्माण और 11 ग्रामों के तहसील परिवर्तन की मांग को दी प्राथमिकता।
बाणसागर डैम के बैकवॉटर से वर्षों से प्रभावित है आवागमन,उबरा वृत्त के ग्रामों को बरही तहसील में शामिल करने हेतु विधानसभा में याचिका प्रस्तुत,हजारों ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
विजयराघवगढ़ क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर एक बार फिर सक्रिय भूमिका निभाते हुए विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक ने मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जनहित से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति प्राप्त कर प्रस्तुत की गई याचिका में ग्राम उरदानी से देवराखुर्द के बीच पुल निर्माण तथा उबरा वृत्त के 11 राजस्व ग्रामों को बरही तहसील में शामिल किए जाने की मांग की गई है।
विधायक ने सदन को अवगत कराया कि बाणसागर डैम के बैकवॉटर भराव के कारण उरदानी और देवराखुर्द के बीच सीधा संपर्क लंबे समय से बाधित रहता है। बरसात और जलभराव की स्थिति में ग्रामीणों को एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए लगभग 25 से 30 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है बल्कि समय और धन दोनों की दृष्टि से अत्यंत हानिकारक सिद्ध हो रही है।
उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों को उठानी पड़ती है, जिन्हें प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने वाली एंबुलेंस सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। कई बार विलंब के कारण गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त किसानों को कृषि कार्यों के लिए ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य मशीनरी ले जाने में अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे डीजल और समय की खपत बढ़ती है और उत्पादन लागत पर सीधा असर पड़ता है।
विधायक श्री पाठक ने स्पष्ट रूप से कहा कि क्षेत्रवासियों की यह मांग कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से पुल निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि उरदानी और देवराखुर्द के बीच पुल का निर्माण हो जाता है तो दोनों क्षेत्रों के बीच सीधा और सुरक्षित संपर्क स्थापित होगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा हजारों ग्रामीणों को स्थायी राहत प्राप्त होगी।
जनहित के दूसरे महत्वपूर्ण विषय के रूप में विधायक ने विजयराघवगढ़ तहसील अंतर्गत उबरा वृत्त के अधिकांश राजस्व ग्रामों—जारारोडा, गैरतलाई, तिमुआ, इटौरा, कुटेश्वर, इटमा, महानदी हरदुआ, लखनपुरा, उबरा, धवैया और डोकरिया—के तहसील परिवर्तन का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने बताया कि इन ग्रामों की दूरी वर्तमान विजयराघवगढ़ तहसील मुख्यालय से लगभग 30 से 50 किलोमीटर तक है, जिसके कारण ग्रामीणों को राजस्व, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, प्रमाण पत्र और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
इसके विपरीत बरही तहसील मुख्यालय इन ग्रामों के लिए भौगोलिक दृष्टि से अधिक निकट और पहुंच मार्ग की दृष्टि से सुगम है। सड़क संपर्क बेहतर होने के कारण ग्रामीण अपेक्षाकृत कम समय और कम खर्च में अपने प्रशासनिक कार्य संपन्न कर सकते हैं। विधायक संजय पाठक ने कहा कि शासन की मंशा सदैव यह रही है कि प्रशासनिक सीमाओं का निर्धारण आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया जाए। ऐसे में इन ग्रामों को बरही तहसील में शामिल किया जाना व्यावहारिक और जनहितकारी कदम सिद्ध होगा।
उन्होंने सदन में यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान व्यवस्था के कारण किसानों और आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से समय और संसाधनों की हानि उठानी पड़ रही है। कई बार दूरस्थ तहसील मुख्यालय तक पहुंचने में पूरा दिन लग जाता है, जिससे मजदूरी और अन्य कार्य प्रभावित होते हैं। तहसील परिवर्तन से न केवल प्रशासनिक कार्यों में सरलता आएगी बल्कि शासन और जनता के बीच समन्वय भी बेहतर होगा।
विधायक श्री पाठक द्वारा दोनों मुद्दों को गंभीरता से उठाए जाने पर क्षेत्रवासियों में संतोष और आशा का वातावरण है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि पुल निर्माण और तहसील परिवर्तन संबंधी मांगों पर सकारात्मक निर्णय होता है तो यह विजयराघवगढ़ क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम होगा।
जनप्रतिनिधि के रूप में विधायक श्री पाठक द्वारा विधानसभा में प्रभावी तरीके से आवाज उठाए जाने को क्षेत्र के समग्र विकास के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अब क्षेत्र की जनता की निगाहें शासन के निर्णय पर टिकी हैं, ताकि वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान हो सके और विकास की नई संभावनाएं साकार हो सकें।
