भारत के भौगोलिक केंद्र बिंदु करौदी के समग्र विकास की मांग को लेकर मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने कलेक्टर कटनी को सौंपा ज्ञापन।
सेंटर प्वाइंट करौदी को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने हेतु पूर्व में हुई थी पत्रकारों की ऐतिहासिक महापंचायत।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील में स्थित भारत के भौगोलिक केंद्र बिंदु करौदी के संरक्षण, संवर्धन एवं समग्र विकास को लेकर मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन कलेक्टर कटनी को सौंपा गया। ज्ञापन में करौदी को विधिवत पर्यटन स्थल घोषित करने, राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों के निर्माण तथा आदिवासी संस्कृति के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्रमुखता से रखा गया। कलेक्टर की अनुपस्थिति में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए इसे मुख्यमंत्री तक पहुँचाने का भरोसा दिलाया।
यह ज्ञापन 21 दिसंबर 2025 को सेंटर प्वाइंट करौदी में आयोजित पत्रकारों की महापंचायत में लिए गए निर्णयों का परिणाम है। उक्त महापंचायत का आयोजन मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा किया गया था, जिसमें कटनी जिले सहित प्रदेश और देश के अनेक वरिष्ठ, अनुभवी एवं प्रतिष्ठित पत्रकारों ने सहभागिता की थी। महापंचायत के दौरान करौदी के ऐतिहासिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व पर गंभीर मंथन किया गया तथा इसके विकास को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए थे।
ज्ञापन में विस्तार से उल्लेख किया गया है कि वर्ष 1956 में जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य एस. पी. चक्रवर्ती एवं उनके विद्यार्थियों द्वारा किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण के माध्यम से यह प्रमाणित किया गया था कि मध्यप्रदेश के कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील स्थित करौदी गांव भारत की भौगोलिक धुरी है। इस महत्वपूर्ण खोज ने करौदी को राष्ट्रीय पहचान दिलाई और यह स्थान पूरे देश में चर्चा का विषय बना।
इस ऐतिहासिक महत्व को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 1987 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर स्वयं करौदी पहुंचे थे। उन्होंने इस स्थल की राष्ट्रीय उपयोगिता और भावनात्मक महत्व को समझते हुए यहाँ भारत के भौगोलिक केंद्र स्मारक के निर्माण की पहल की। 15 दिसंबर 1987 को स्मारक का विधिवत लोकार्पण हुआ, जिससे करौदी को एक विशिष्ट पहचान मिली।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2013 में करौदी को सरकारी स्तर पर मेगा सर्किट में शामिल किया गया, जिससे यह उम्मीद जगी थी कि आने वाले समय में यह क्षेत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के मानचित्र पर उभरेगा। स्थानीय लोगों को रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और विकास के नए अवसर मिलने की आशा बनी थी, किंतु समय बीतने के साथ यह उम्मीद निराशा में बदलती चली गई।
वर्तमान स्थिति में भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु करौदी उपेक्षा और लापरवाही का शिकार है। स्मारक जर्जर अवस्था में पहुँच चुका है, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और प्रचार-प्रसार की कमी के कारण यह स्थल अपनी पहचान खोता जा रहा है। दूर-दराज से आने वाले पर्यटक अपेक्षित सुविधाएं न मिलने के कारण निराश होकर लौटने को मजबूर हैं, वहीं स्थानीय नागरिक आज भी विकास की राह निहार रहे हैं।
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि भारत के भौगोलिक केंद्र बिंदु करौदी को विधिवत पर्यटन स्थल घोषित किया जाए, जिससे इसके संरक्षण और विकास के लिए ठोस योजनाएं बनाई जा सकें। केंद्र स्थल पर 108 फीट ऊँची भारत माता की भव्य प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग की गई है, जिससे यह स्थान राष्ट्रीय चेतना और एकता का प्रतीक बन सके।
इसके अतिरिक्त करौदी में सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, शहीद भगत सिंह, राजगुरु सहित अन्य राष्ट्रनायकों के स्मारकों के निर्माण की भी मांग रखी गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को देश के स्वतंत्रता संग्राम और बलिदान की प्रेरणा मिल सके।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि करौदी और आसपास का क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य है, जहां समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराएं और विरासत विद्यमान हैं। ऐसे में यहां एक आदिवासी संग्रहालय की स्थापना अत्यंत आवश्यक है, जिससे जनजातीय जीवनशैली, कला, संस्कृति और इतिहास को संरक्षित किया जा सके तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिले।
श्रमजीवी पत्रकार संघ ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि करौदी आज भी भारत की भौगोलिक धुरी है और यह केवल एक स्थान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व का प्रतीक है। आवश्यकता केवल इसकी खोई हुई पहचान, सम्मान और अधिकारों को पुनः स्थापित करने की है।
ज्ञापन सौंपने मैं श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र राजपूत, जिलाध्यक्ष पंडित राकेश तिवारी, डॉ. ज्योति राजपूत, पूर्व विधायक सुकीर्ति जैन, महासचिव अज्जू सोनी, पूर्व जिलाध्यक्ष अनंत राम गुप्ता, मिडिया प्रभारी रविन्द्र चौदहा,नितिन पटेल, सतीश चौरसिया, दीनदयाल रजक, नीरज तिवारी, संतोष तोमर, सोमनाथ पटेल, कृष्णा पटेल, सुनील दुबे, पीतम बर्मन व अन्य पटकर उपस्थित रहे।
अंत में संघ ने माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे करौदी के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करें तथा शीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें, जिससे भारत के भौगोलिक केंद्र बिंदु करौदी को उसका उचित स्थान, गौरव और विकास मिल सके।










