ओबीसी महासभा एवं ओबीसी एससी एसटी संयुक्त मोर्चा ने सिहोरा में सौंपा ज्ञापन,धान खरीदी,बिजली,खाद और राजस्व कार्यों को लेकर प्रशासन के सामने रखी बहुप्रतीक्षित मांगें।

 ओबीसी महासभा एवं ओबीसी एससी एसटी संयुक्त मोर्चा ने सिहोरा में सौंपा ज्ञापन,धान खरीदी,बिजली,खाद और राजस्व कार्यों को लेकर प्रशासन के सामने रखी बहुप्रतीक्षित मांगें।

बंदरकोला ओपन कैम्प में नया केंद्र बनाने से लेकर नुंजी शैलवारा सोसायटी के पुनः संचालन,किसानों के पंजीयन,कृषि बिजली,खाद उपलब्धता और राजस्व कार्यों के समयबद्ध निपटान तक व्यापक मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित।

सिहोरा,ग्रामीण खबर MP।

तहसील कार्यालय सिहोरा में 2 दिसंबर मंगलवार को अखिल भारतीय ओबीसी महासभा तथा ओबीसी–एससी–एसटी संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में एक विशाल प्रतिनिधि मंडल ने अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा को किसानों और आमजन से संबंधित अनेक गंभीर मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विशेष रूप से धान खरीदी केंद्रों की अव्यवस्था, कृषि बिजली आपूर्ति, खाद वितरण और राजस्व व्यवस्था की धीमी प्रक्रियाओं पर चिंता जताते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की गई।

प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि फनवानी मझगवां सोसायटी के अंतर्गत आने वाला धान खरीदी केंद्र वर्तमान व्यवस्था में किसानों के लिए अत्यंत दूरी और असुविधा का कारण बन रहा है। इसके समाधान के रूप में धान खरीदी केंद्र को बंदरकोला ओपन कैम्प में स्थानांतरित कर संचालन करने की मांग की गई, ताकि क्षेत्र के सैकड़ों किसान समय पर अपनी उपज बेच सकें और परिवहन खर्च व समय की बचत हो सके।

इसी प्रकार नुंजी और शैलवारा सोसायटी में धान खरीदी केंद्र पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग को भी जोरदार तरीके से रखा गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि इन सोसायटियों के बंद होने से किसानों को अपनी फसल दूरस्थ केंद्रों तक ले जाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ा है, और कई किसानों को फसल तुलाई में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को शीघ्र चालू न किया गया तो किसानों को भारी नुकसान सहना पड़ेगा।

ज्ञापन में सिकमी नामा पट्टे वाली खेती के पंजीयन की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बड़ी संख्या में किसानों ने जागरुकता के बावजूद पंजीयन स्लॉट उपलब्ध न होने की शिकायत रखी है। प्रतिनिधि मंडल ने मांग की कि ऐसे किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की स्वतंत्र और आसान व्यवस्था की जाए, ताकि पात्र किसान धान खरीदी प्रक्रिया से वंचित न रह जाएं।

कृषि कार्यों में बिजली की अनियमितता पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रतिनिधियों ने कहा कि सिंचाई के समय नियमित 10 घंटे दिन में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने बताया कि बिजली की कमी के कारण कई स्थानों पर खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और किसान अचानक कटौती के चलते परेशान हो रहे हैं।

खाद की उपलब्धता को लेकर भी किसानों ने गंभीर स्थिति का उल्लेख किया। प्रतिनिधियों ने बताया कि खाद उपलब्ध न होने से किसानों की बुवाई और आगामी कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि खाद सभी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए और वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता न होने दी जाए।

राजस्व संबंधी कार्यों की धीमी गति भी ज्ञापन का प्रमुख हिस्सा रही। प्रतिनिधियों ने बताया कि तहसील कार्यालय में नामांतरण, सीमांकन, बटवारा और अन्य राजस्व प्रकरणों में अत्यधिक देरी हो रही है। आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए कई-कई बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि सभी राजस्व कार्य निर्धारित समयसीमा में निपटाए जाएं और कार्यालय में जवाबदेही बढ़ाई जाए।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधि मंडल में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एड. इंद्रकुमार पटेल, जिलाध्यक्ष ओबीसी जितेन्द्र कुमार कुर्मी, जिला उपाध्यक्ष विनोद पटेल, जिला सचिव प्रमोद पटैल, किसान मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष संतकुमार पटैल, पनागर विधानसभा अध्यक्ष राजेश यादव, सिहोरा विधानसभा उपाध्यक्ष संदीप पटैल, विधानसभा सचिव मुकेश पटेल, युवा मोर्चा विधानसभा अध्यक्ष अजीत पटेल के साथ अवसर पटेल, लक्ष्मीनारायण पटेल, अनूप पटेल, अनिल पटेल, हरि पटेल, अकलेश पटेल, आशिष पटेल, आनंद पटेल सहित क्षेत्र के सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

प्रतिनिधि मंडल ने उम्मीद जताई कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उन्हें शीघ्रता से दूर करेगा। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान संगठन आगे आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए बाध्य होगा।

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